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अशोका यूनिवर्सिटी में अंतरराष्टीय सेमिनार

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महिलाएं आज भी भेदभाव से झेल रही, यूनाइटेड नेशन खत्म करने में जुटा
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अशोका यूनिवर्सिटी में जीसीडब्ल्यूएल के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में 30 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया
यूएन गाइडिंग प्रिंसिपल पर एशिया में पहली बार हुआ सेमिनार, यूएन की असेंबली में रखी जाएगी वर्ल्ड की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अशोका यूनिवर्सिटी में वूमेन लीडरशिप के जैनपेक्ट सेंटर की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार मंगलवार से शुरू हुआ। इस सेमिनार में बताया गया कि आज भी दुनिया में नौकरी पेशा व बिजनेस सेक्टर की महिलाएं भेदभाव झेल रही हैं। इसको रोकने के लिए यूनाइटेड नेशन ने बिजनेस व मानवाधिकार को लेकर सिद्धांत बनाए हुए हैं, जिनको वर्ल्ड की मौजूदा स्थिति को देखने के बाद सभी देशों के विचार लेकर ओर बेहतर किया जाएगा। जिससे यह समस्या खत्म की जा सके।
स्वीडन एंबेसी के प्रतिनिधि गौतम भट्ठाचार्य व अशोका यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. प्रताप भानू मेहता ने सेमिनार का शुभारंभ किया। इस सेमिनार में 30 देशों के 150 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। जहां पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों ने यूनाइटेड नेशन के बिजनेस व मानवाधिकारों को लेकर बनाए गए सिद्धांतों पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने प्रश्नों के उत्तर दिए और इनको बेहतर करने के लिए सुझाव दिए। वहां विभिन्न देशों में बिजनेस सेक्टर में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर भी विचार रखे गए और उन पर चिंता जताई गई। यूनाइटेड नेशन वर्किंग ग्रुप के सदस्य प्रो. सूर्य देवा ने यूएन वर्किंग ग्रुप के जेंडर प्रोजेक्ट के बारे में बताया। उसके बाद अशोका यूनिवसटी के वूमेन लीडरशीप से संबंधित जैनपेक्ट सेंटर की डायरेक्टर हरप्रीत कौर के साथ आवाज फाउंडेशन की संयोजक नजमा अख्तर, भारतीय महिला आयोग की पूर्व चेयरमैन ललिता कुमार मंगलम, बर्मा की डेबीए स्टोथार्ड व भावना सामेल ने महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखी और सेमिनार में शामिल प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब दिए।
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यूएन की असेंबली में रखे जाएंगे सुझाव
अशोका यूनिवर्सिटी के वूमेन लीडरशीप से संबंधित जैनपेक्ट सेंटर की निदेशक हरप्रीत कौर ने बताया कि यूएन के सिद्धांतों को लेकर यह सेमिनार दुनिया में अभी तक केवल जेनेवा में हुआ है। यह दूसरा सेमिनार एशिया के किसी देश में होना था, जिसके लिए पहले भारत को चुना गया और यह अशोका यूनिवर्सिटी में रखा गया। हरप्रीत कौर ने बताया कि नौकरी पेशा महिलाओं को आने वाली परेशानियों को देखते हुए सुझाव तैयार किए जाएंगे, जिनको यूएन की असेंबली में रखा जाएगा। उसके आधार पर आगे के नियम व सिद्धांत तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि महिलाएं आज भी भेदभाव झेल रही है और यह भेदभाव धर्म, जाति, उम्र हर तरह से किया जाता है। यहां तक की हक मांगने पर महिलाओं को टारगेट किया जाता है। उनपर अपने विचार जबरन लाद दिए जाते है। इस स्थिति को बदलने के लिए यह सेमिनार कराए जा रहे है।
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