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अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची एसडीएम, मरीजों ने कहा बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा

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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। एसडीएम सुभिता ढ़ाका ने वीरवार को नागरिक अस्पताल का दौरा कर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं व व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने दवाओं के स्टॉक की भी जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में आए मरीजों से बातचीत की और खामियां मिलने पर उनको दूर करने के आदेश दिए।
एसडीएम को काफी समय से अस्पताल में अनियमितताओं को लेकर शिकायतें मिल रही थी। जिसको लेकर वीरवार को अस्पताल का दौरा करने पर एसडीएम सुभिता ढाका ने अस्पताल की पार्किंग में खड़े निजी वाहनों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह एसएमओ के अधिकार क्षेत्र में है कि वह यहां पर वाहन न खड़े करने दें और शैड पर अधिकारियों के वाहनों के अलावा केवल एंबुलेंस खड़ी करने की छूट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कोई व्यक्ति जबरन अपनी गाड़ी खड़ी करता है तो उसकी शिकायत सिटी थाना को दें।
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मरीज बोले ज्यादातर दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही
एसडीएम द्वारा अस्पताल में आए मरीजों से दवाओं के बारे जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि उन्होंने अस्पताल से कम दवाएं मिलती हैं और बाहर से ज्यादा दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इसके अलावा आयुष की डिस्पेंसरी में जाकर भी दवाओं का स्टॉक चैक किया, जिसमें आयुर्वेद की दवाएं नाम मात्र की मिली। इस पर चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार ने बताया कि उन्हें पंचकुला से दवाओं का स्टॉक मिलता है, जिसके आने में कई दिनों का समय लग जाता है। ऐसे में वे मरीजों को बाहर की दवाएं लिख देते हैं।
अस्पताल में गंदगी पर भड़की
अस्पताल में लिफ्ट के साथ पड़ी गंदगी को देखकर एसडीएम ने अस्पताल के स्टाफ कर्मियों को लताड़ा। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में ही सफाई नहीं होगी तो कहां होगी। उन्होंने सफाई पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
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मलबे का उठान नहीं होने पर ठेकेदार पर लगाएं जुर्माना
पुराने भवन को तोडऩे के लिए करीब चार माह पहले एक एजेंसी को ठेका दिया गया था। जिसके लिए तोडऩे व मलबा उठाने के लिए दो माह का समय निर्धारित किया गया। तीन माह पूरे होने के बाद इमारत तो तोड़ दी गई लेकिन उसका मलबा आज तक नहीं उठाया गया। इस पर एसडीएम ने कहा कि अगर इसी सप्ताह तक ठेकेदार मलबा नहीं उठाता तो उस पर अस्पताल प्रशासन जुर्माना लगाए।
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