सोनीपत। आयुष्मान भारत योजना के पैनल पर 44 निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों का मुफ्त उपचार करना बंद कर दिया है। निजी अस्पताल में रोजाना आयुष्मान के पात्र मरीजों के करीब 40 ऑपरेशन होते थे, दो दिन में करीब 80 ऑपरेशन बाधित हो गए हैं। निजी अस्पताल में आने वाले पात्र मरीज बिना उपचार कराए वापस लौट रहे हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जिला प्रधान डाॅ. अनुपमा अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने काफी समय से निजी अस्पतालों को 500 करोड़ रुपये बकाया राशि नहीं दी है। इसकी वजह से निजी अस्पताल के संचालकों ने आयुष्मान भारत योजना व चिरायु योजना के पात्र मरीजों को मुफ्त में उपचार देने से मना किया है।
अब आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल सकेगा। जिला नागरिक अस्पताल में स्थायी सर्जन नहीं है। विभाग ने निजी चिकित्सक को हायर कर रखा है। निजी चिकित्सक डॉ. मनित जिला अस्पताल में शाम के समय दो घंटे ओपीडी लगातीं हैं। उनके पास ओपीडी इतनी है कि ऑपरेशन कम हो पाते हैं।