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बीपीएस मेडिकल कालेज में घमासान, एपीएस बत्रा को कुर्सी सौंप छुट्टी पर गई डायरेक्टर रेनू गर्ग, चार्ज छोडने को एसीएस को चिट्ठी भेजी

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बीपीएस मेडिकल कालेज में घमासान, एपीएस बत्रा को कुर्सी सौंप छुट्टी पर गई डायरेक्टर रेनू गर्ग, चार्ज छोडने को एसीएस को चिट्ठी भेजी
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। खानपुर कलां के बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में डायरेक्टर पद को लेकर चार महीने बाद फिर से घमासान शुरू हो गया है। जहां चार महीने पहले सरकार ने डॉ. एपीएस बत्रा को डायरेक्टर पद से हटाकर डॉ. रेनू गर्ग को कुर्सी पर बैठाया था। वहीं अब डायरेक्टर रेनू गर्ग ने चार्ज छोड़ने के लिए एसीएस स्वास्थ्य शिक्षा को चिट्ठी लिखी है और अपने ऊपर काफी दबाव होने के कारण स्वास्थ्य भी खराब रहने का हवाला दिया है। डॉ. रेनू गर्ग से डायरेक्टर का चार्ज वापस लेने पर सरकार को फैसला करना है, लेकिन उससे पहले ही डॉ. रेनू गर्ग डायरेक्टर का चार्ज डॉ. एपीएस बत्रा को देकर पंद्रह दिन की छुट्टी पर चली गई हैं।
बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर में डायरेक्टर रहे डॉ. पीएस गहलौत के सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. एपीएस बत्रा को डायरेक्टर बनाया गया था। डॉ. एपीएस बत्रा ने जून 2018 को डायरेक्टर का पद संभाला था। वह अगस्त 2016 से अक्तूबर 2016 तक भी डायरेक्टर रह चुके थे और उनको सीनियर होने के कारण ही डायरेक्टर बनाया गया था। क्योंकि डॉ. एपीएस बत्रा डीन एकेडमिक, प्रशासनिक अधिकारी जैसे अहम पदों पर भी रह चुके थे। लेकिन नवंबर 2018 में अचानक ही सरकार ने उनको डायरेक्टर पद से हटाकर उनकी जगह पर बायोकैमेस्ट्री विभाग की हेड डॉ. रेनू गर्ग को डायरेक्टर बना दिया था। डॉ. रेनू गर्ग जून 2016 से अगस्त 2016 तक भी कार्यवाहक डायरेक्टर रह चुकी थीं। डॉ. रेनू गर्ग ने नवंबर 2018 में आदेश आते ही डायरेक्टर का पद संभाल लिया था, लेकिन अब चार महीने बाद ही डायरेक्टर पद को लेकर घमासान शुरू हो गया है। डायरेक्टर डॉ. रेनू गर्ग ने कुर्सी छोड़ने के लिए एसीएस स्वास्थ्य शिक्षा को चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा गया है कि वह डायरेक्टर नहीं रहना चाहती हैं और उनको इस पद से रिलीव किया जाए। यह चिट्ठी लिखने के बाद डॉ. रेनू गर्ग ने डायरेक्टर की जिम्मेदारी पूर्व डायरेक्टर डॉ. एपीएस बत्रा को सौंपी और उसके बाद वह पंद्रह दिन की छुट्टी चली गई हैं। अब यह देखना है कि सरकार उस चिट्ठी पर कार्रवाई करते हुए डॉ. रेनू गर्ग को डायरेक्टर के पद से हटाती है या नहीं।
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दबाव बढ़ने के कारण स्वास्थ्य हो रहा प्रभावित, छात्राओं की पढ़ाई पर भी असर
डायरेक्टर डॉ. रेनू गर्ग ने एसीएस को लिखी चिट्ठी में कहा है कि बायोकैमेस्ट्री विभाग की हेड हैं और उनके डायरेक्टर बनने के बाद से बायोकैमेस्ट्री विभाग में केवल दो असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इस तरह विभाग में सीनियर फैकल्टी नहीं है और इस कारण ही छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिनको परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा मेडिकल एजुकेशन यूनिट की को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी उनके पास है, जिसका काम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन को लागू कराना होता है। जुलाई 2019 से एमबीबीएस में एमसीआई की गाइडलाइन के तहत पाठ्यक्रम लागू भी कराया जाना है। इन सभी के कारण उनपर काफी दबाव है और इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस कारण उनको डायरेक्टर के पद से रिलीव किया जाए।
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मुझे चार्ज देकर डॉ. रेनू गर्ग पंद्रह दिन की छुट्टी पर गई हैं। इस समय डायरेक्टर का कार्यभार संभाल रहा हूं। वह इतने दिन की छुट्टी पर क्यों गई हैं, इस बारे में कुछ नहीं बता सकता हूं। वहीं उनकी ओर से कोई चिट्ठी एसीएस को लिखी गई है, उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. एपीएस बत्रा कार्यवाहक डायरेक्टर
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