छोटूराम ने समाज को प्रदान की नई दिशा, किसानों की समस्याएं दूर कराई : राजबीर सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एवं विजुअल आर्ट (सुपा) रोहतक के वीसी राजबीर सिंह ने कहा कि छोटूराम जैसी महाविभूतियां कभी-कभी जन्म लेती हैं, जो समाज को एक नई दिशा व सोच प्रदान करती हैं। छोटूराम ने समाज को कृषि का महत्व व किसान को उसकी दिक्कतों से निजात दिलवाने के प्रयास किए। वीसी राजबीर सिंह वीरवार को मुरथल यूनिवर्सिटी में दीनबंधु छोटूराम चेयर की ओर से आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विवि की परीक्षा नियमावली का विमोचन किया गया।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. जयवीर सिंह धनखड़ ने कहा कि दीनबंधु छोटूराम पुनर्जागरण के तीन मापदंडों मानवतावाद, व्यक्तिवाद व तर्कवाद की कसौटी पर खरे उतरते हैं। दीनबंधु छोटूराम ने उस समय में चल रही विभिन्न धाराओं में से संविधान वादी धारा से संबंध रखते थे। उन्होंने संविधान का सहारा लेकर मानव कल्याण के लिए अनेक कानून पास कराए। वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि दीनबंधु छोटूराम किसी जाति, धर्म विशेष के नहीं अपितु पूरे राष्ट्र के नवनिर्माण में उनका अतुलनीय योगदान रहा है। वह अपना अधिकतर वेतन मेधावी छात्रों की छात्रवृत्ति पर खर्च कर देते थे।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमएस धनखड़ ने कहा कि परीक्षा नियमावली में विवि की परीक्षा से संबंधित नियमों को एकत्रित कर एक पुस्तक का स्वरूप दिया गया है। जिसमें विवि के परीक्षा के नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी शामिल हैं। इस दौरान रजिस्ट्रार अनिल खुराना, राजबीर सिंह, मनोज दूहन, बीपी मलिक, सतीश खासा, अजय मोंगा, पवन राणा, खेल निदेशक डा. बिरेंद्र सिंह हुड्डा, डा. पवन दहिया, डा. दिनेश सिंह, मेहर सिंह, डा. योगेंद्र शर्मा, एक्सईएन बलबीर सिंह श्योकंद, कमल सिंह आदि मौजूद रहे।