अमर उजाला ब्यूरो।
गोहाना। खंदराई गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा की ओर से लिखे गए गुमनाम पत्र मामले में ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल में दो घंटे तक ताला जड़कर शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की। मामले की जांच की मांग के साथ कार्रवाई और तबादले की मांग पर ग्रामीण अड़े रहे। मुख्य गेट पर ताला लगा होने से कुछ स्टाफ और बच्चे स्कूल के अंदर थे तो कुछ बाहर रह गए। सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी और डीईओ भी मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से बात की लेकिन वह कार्रवाई की मांग करते रहे। जब डीईओ ने स्टाफ के तबादले और पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब ग्रामीण मानें और स्कूल का ताला खोला।
गुमनाम पत्र पुलिस को भेजकर शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाने के बाद मामला तूल पकड़ा गया है। उस गुमनाम पत्र में एक महिला शिक्षक समेत पांच शिक्षकों पर आरोप लगाए गए थे कि वह छात्रा पर स्कूल के एक अन्य शिक्षक को किसी भी तरह बदनाम करने का दबाव बना रहे हैं। मामले का पता चलते ही ग्रामीण भड़क गए। सोमवार सुबह नौ बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचकर ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया। इससे कुछ स्टाफ और विद्यार्थी स्कूल के अंदर नहीं जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा की ओर से जिस पत्र को पुलिस के पास भेजा गया है, उसकी पूरी जांच की जाए और उस पर दबाव बनाने शिक्षकों का वहां से तबादला किया जाए। इन मांगों को लेकर ही ग्रामीणों ने मेन गेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी कुलदीप देशवाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से स्कूल का ताला खोलने का आग्रह किया, लेकिन वह नहीं मानें। इस बीच ही मुंडलाना खंड के बीईओ और जांच अधिकारी परमजीत चहल भी वहां पहुंच गए। वह भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन उसके बाद भी गांव के लोगों ने स्कूल का ताला नहीं खोला।
डीईओ के आश्वासन के बाद खुला ताला
ताला बंद होने की सूचना मिलने और ग्रामीणों के न मानने की सूचना डीईओ सुमन नैन को दी गई। डीईओ कुछ ही देर में वहां पहुंची और लोगों से बात की। ग्रामीणों कहा कि गुमनाम पत्र में जिन शिक्षकों का नाम सामने आ रहा है, जब तक उसकी जांच पूरी नहीं होती उसका तबादला किया जाए। जब तक ऐसा नहीं होता तो स्कूल को बंद रखा जाएगा। इस पर डीईओ सुमन नैन ने गांव के लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को विभाग के उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा और वहां से अंतिम फैसला लिया जाएगा। डीईओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोल दिया।
यह है पूरा मामला
खंदराई स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से पुलिस थाने में एक छात्रा का बिना नाम (गुमनाम) का पत्र तीन दिन पहले भेजा गया था। पत्र में क्या आरोप लगाया गया है, इस बारे में अभी पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारी कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि पत्र में एक महिला शिक्षक सहित पांच शिक्षकों के नाम हैं और यह सभी उस छात्रा पर किसी अन्य शिक्षक को बदनाम करने का दबाव बना रहे हैं। शिक्षक अपनी इस आपसी खींचतान में छात्रा को मोहरा बनाकर एक शिक्षक को फंसाना चाहते हैं। पुलिस ने पत्र मिलने के बाद जांच शुरू कर दी थी तो डीईओ सुमन नैन ने मामला संज्ञान में आते ही बीईओ को जांच सौंपी थी।
आज छात्राओं और स्टाफ के लिए जाएंगे बयान
मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी मंगलवार को स्कूल जांच के लिए जाएंगे। वहां छात्राओं और स्टाफ के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद इसकी रिपोर्ट भी तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
गुमनाम पत्र को लेकर पुलिस जांच कर रही है। जिस छात्रा ने पुलिस के पास पत्र भेजा है, उसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उस छात्रा का पता चलने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। पुलिस को उसके बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हुई हैं।
- कुलदीप देशवाल, शहर थाना प्रभारी
सभी शिक्षकों के बयान दर्ज होंगे
स्कूल की छात्रा की ओर से भेजे गए गुमनाम पत्र की जांच का काम शुरू कर दिया गया है। डीईओ के निर्देश पर जांच की जा रही है। इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। उनके चाल-चलन व पृष्ठ भूमि की भी छानबीन की जा रही है और स्कूल के सभी शिक्षकों के बयान लिए जाएंगे। इसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी जाएगी।
- परमजीत चहल, जांच अधिकारी व मुंडलाना खंड शिक्षाधिकारी