सोनीपत। जिले के 51 और गांवों को जल्द ही टीबी मुक्त किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तैयारियों तेज कर दी गई हैं। 51 गांवों को टीबी मुक्त करने के लिए राज्य टीबी सेल की टीम निरीक्षण करेंगी। राज्य टीबी सेल की ओर से दस्तावेजों की जांच के बाद इन गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। पिछले वित्त वर्ष में जिले के 29 गांवों को टीबी मुक्त किया गया था।
निक्षय योजना के तहत सभी टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ पोषण के लिए 500-500 रुपये की राशि दी जाती है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (पीएमटीबीएमबीए) के तहत उपचाराधीन रोगियों को निक्षय मित्रों से पोषण सहायता भी जाती है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य रखा हुआ है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग पंचायतों से संपर्क साध रहा है। टीबी मुक्त गांव घोषित करने की शुरुआत पिछले वित्त वर्ष में हुई थी। पिछले वित्त वर्ष में 29 ऐसे गांवों का टीबी मुक्त करने के लिए चयन किया था, इनमें रोगियों की संख्या शून्य है या फिर उनमें सिर्फ एक मरीज हैं और उसका भी इलाज चल रहा है। इस बार 51 और गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी है।
इन मानकों पर किया जाएगा टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का चयन
एक हजार जनसंख्या पर कम से कम 30 सैंपल, गांव में एक हजार जनसंख्या पर टीबी के मरीजों की संख्या शून्य हो या फिर एक मरीज हो, गांव में मिले टीबी के मरीजों का ट्रीटमेंट रेट 100 फीसदी हो। साथ ही पूर्व में आए कुल टीबी मरीजों में से 62 फीसदी मरीजों का सीबी नॉट टेस्ट करवाया गया हो, टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह दिए गए हों। टीबी मरीजों को पोषण स्पोर्ट किट दी गई हो। इसके लिए विभाग की ओर से ग्राम पंचायत, पंचायत विभाग, आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से सूची तैयार की जाएगी।
पिछले वित्त वर्ष में 29 गांवों को टीबी मुक्त किया गया था। इस बार विभाग ने 51 और गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजकर सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। राज्य टीबी सेल की ओर से दस्तावेजों की जांच कर टीबी मुक्त गांव घोषित किया जाएगा।
- डाॅ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन