संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिले में पिछले दिनों हुई तेज बारिश से चार गांवों में 500 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। इसके बाद भी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं करने पर अर्धनग्न किसानों ने बुधवार को पानी में खड़े होकर सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
किसानों ने कहा कि गांव बड़वासनी, बागडू, रतनगढ़, जटमाजरा में चार फीट तक पानी भरा है जिससे धान, ज्वार, बाजरा व गन्ने की फसल बर्बाद हो रही है। इस पर न सरकार ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन की ओर से जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है।
जलनिकासी नहीं कराने के विरोध में जिला पार्षद संजय बड़वासनी, मोनू बागडू, सुरेश कुमार ने अर्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि फसल डूबने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग है कि बर्बाद हो रही फसल की जल्द गिरदावरी करवाई जाए। 60 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रत्येक किसान को मुआवजा दिया जाए। इसी मुद्दे को लेकर वीरवार को किसान लघु सचिवालय में बग्गी झोटा लेकर सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन से पानी निकासी की मांग करेंगे।
किसान राजबीर, रणबीर, सतपाल, नवाब, जगबीर का आराेप है कि ड्रेन की सफाई समय से नहीं होने के कारण प्रशासन उनके खेतों से पानी निकासी नहीं करा पाया है। अगर ड्रेन की समय पर सफाई कराई जाती तो किसानों को नुकसान नहीं झेलना पड़ता।
सिंचाई विभाग की ओर से कराई जाने वाली ड्रेनों की सफाई कागजों तक सीमित बनकर रह गई है। इस मौके पर बागडू के पूर्व सरपंच, सुरेंद्र, ताहर सिंह, राजेंद्र, सुरेंद्र, विश्वदेव, जयपाल, कर्मबीर, सुनील, संदीप, जोगिंद्र मौजूद रहे।
वर्जन
प्रभावित किसानों को इस्ट जुआं ड्रेन में खेतों का पानी डालने का सुझाव दिया गया है। उनको विभाग की तरफ से पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं।-कैलाश चंद्र, उपमंडल अभियंता, सिंचाई विभाग।