दिल्ली समेत एनसीआर के प्रदूषण ने परेशानी में डाले विदेशी सैलानी-श्रद्धालु
अंकित चौहान
सोनीपत। दिल्ली समेत एनसीआर में प्रदूषण से केवल यहां रहने वाले लोग ही परेशान नहीं हैं, बल्कि विदेशों से आने वाले सैलानी व धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने आने वाले श्रद्धालु सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। यह सब कुछ उस समय सामने आया, जब विदेशी श्रद्धालु शनिवार को गन्नौर के पास जीटी रोड पर हो रहे निरंकारी संत समागम में पहुंचे। दिल्ली व एनसीआर के बढ़ते प्रदूषण के कारण ही सभी विदेशी श्रद्धालु अपने मुंह पर मास्क लगाकर आए। यह बताया जा रहा है कि यहां बढ़ते प्रदूषण को लेकर उनको पहले ही सचेत कर दिया गया था, इसलिए वह सभी पहले ही प्रदूषण से बचाव करते हुए मास्क लगाकर समागम में पहुंचे। उनकी आस्था को देखकर हर कोई अचंभित भी हुआ कि विदेशी श्रद्धालुओं के अंदर भी निरंकारी मिशन में बड़ी आस्था बनी हुई है।
निरंकारी मिशन का संत समागम पहली बार हरियाणा के सोनीपत व पानीपत जिलों की सीमा के बीच जीटी रोड पर हो रहा है। जहां निरंकारी मिशन की 600 एकड़ जमीन पर यह समागम कराया जा रहा है। समागम में शामिल होने के लिए लगभग 60 देशों के श्रद्धालु आए हुए हैं। लेकिन इन विदेशी श्रद्धालुओं के लिए दिल्ली व एनसीआर का प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। विदेशी श्रद्धालुओं को पहले ही सचेत किया गया था कि दिल्ली व एनसीआर में काफी प्रदूषण है, लेकिन उनके अंदर निरंकारी मिशन को लेकर बड़ी आस्था है और वह समागम में शामिल होने के लिए मास्क लगाकर यहां पहुंच रहे हैं। क्योंकि दिल्ली व एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर काफी ऊपर पहुंचा हुआ है। प्रदूषण के एक्यूआई शनिवार के दिन भी काफी रहा और जिस रास्ते से विदेशी श्रद्धालुओं को समागम स्थल तक लाया गया, उस रास्ते पर एक भी जगह एक्यूआई 250 से नीचे नहीं हुआ। जबकि हवा का एक्यूआई (एअर क्वालिटी इंडेक्स) 100 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक क्यूब तक होना चाहिए। नेशनल हाईवे पर कुंडली में एक्यूआई 286 रहा तो यह एक्यूआई बहालगढ़ में 262 रहा। मुरथल में एक्यूआई 243 रहा और गन्नौर के पास जीटी रोड पर एक्यूआई 215 रहा। इस तरह समागम में शामिल होने के लिए आए विदेशी श्रद्धालुओं को किसी भी जगह सांस लेने के लिए साफ हवा नहीं मिली और इस कारण ही उनकी परेशानी बढ़ी रही।
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निरंकारी कालोनी में ठहराए गए हैं विदेशी श्रद्धालु
निरंकारी मिशन के प्रेस एवं पब्लिसिटी इंचार्ज कृपा सागर ने बताया कि सभी विदेशी श्रद्धालु संत समागम में शामिल होने के लिए भारत में पहुंच चुके हैं। लेकिन उनको सीधे समागम स्थल पर नहीं लाया जाता है। उनको रात में दिल्ली में बनी निरंकारी कालोनी में ठहराया जाता है और उनको बस से सुबह के समय समागम स्थल पर लाया जाता है। समागम स्थल से शाम के समय फिर दिल्ली में निरंकारी कालोनी में छोड़ दिया जाता है। इस तरह विदेशी श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है, क्योंकि विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल लगभग चार हजार थी और इस साल यह संख्या काफी बढ़ गई है।