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60 गांवों की सुरक्षा दमकल विभाग की एक गाड़ी के भरोसे

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60 गांवों की सुरक्षा दमकल विभाग की एक गाड़ी के भरोसे
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अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सिर्फ एक ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी क्षेत्र के लगभग 60 गांवों का सहारा बनी हुई है। ऐसे में अगर एक ही समय में दो या दो से अधिक आग लगने की घटनाएं हो जाएं तो प्रशासन को आसपास के क्षेत्रों से दूसरी गाड़ियों की मदद लेनी पड़ती है, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है।
12 हजार लीटर पानी की क्षमता रखने वाली यह गाड़ी आग लगने पर शहर की तंग गलियों में न घुस पाने के कारण फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी शहर की एक मात्र दमकल गाड़ी के जिम्मे है। शहरवासियों ने एक छोटी और एक बड़ी दमकल गाड़ी उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की है।
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रख रखाव के अभाव में खराब हो रही गाड़ी
विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से दमकल विभाग का रखरखाव सही ढंग से नहीं हो रहा है। दमकल गाड़ी में कई जरूरी स्पेयर पार्ट्स नदारद हैं या फिर खराब पड़े हैं। दमकल गाड़ी में आपात स्थिति में प्रयोग किए जाने वाला मॉनीटर खराब पड़ा है। गाड़ी में हूटर और ब्लिंकर भी बहुत ही जरूरी होते है लेकिन इनमें से कोई भी महत्वपूर्ण पार्ट काम नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा रस्सा, बीए सैट, लाइफ बॉय जैकेट, बोल्ट कटर, दस्ताने, हेल्मेट, वूड कटर, आयरन कटर, डिलीवरी होज पाईप नहीं है।
खर्चा डेढ़ लाख, मंजूरी सिर्फ 10 हजार की
दमकल विभाग की गाड़ी की मरम्मत और आग बुझाने में प्रयोग होने वाले सामान की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए डेढ़ लाख रुपये के करीब खर्च होने की संभावना है। लेकिन नपा की तरफ से इसकी रिपेयर के लिए महज 10 हजार रुपये मंजूर किए है। गन्नौर दमकल केंद्र प्रभारी शमशेर सिंह का कहना है कि गाड़ी में जो-जो कमियां हैं उनको ठीक कराने की नपा से 10 हजार रुपये मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इन सब को ठीक करवा दिया जाएगा।
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वर्जन
काम को मिली मंजूरी
नपा ने 10 हजार तक के काम की मंजूरी दे दी है। लेकिन दमकल इंचार्ज ने इसकी रिपेयर के लिए करीब डेढ़ लाख रूपये का खर्च बताया है। जिसके बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों से सलाह ली जाएगी। उसके बाद बाकी बचा काम करवाया जाएगा।
रमेश बत्रा, सचिव नगरपालिका
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