अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। जिले को स्ट्रे कैटल फ्री बनाने के लिए अधिकारियों ने पूरा जोर लगा दिया है। क्योंकि, 30 सितंबर तक जिला स्ट्रे कैटल फ्री करने की डेड लाइन है। इस कारण कुमासपुर में बनाई जा रही गोशाला को अधूरी हालत में शुरू किया जा रहा है। इस लिए गोशाला को वीरवार को शुरू करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। हालांकि, वहां अभी तक न सड़क बनी है, न ही पशुओं को रखने के लिए शेड ही पूरी तरह से बने हैं। गोशाला में लगभग 40 प्रतिशत काम बाकी है। वीरवार से वहां पशु लाने शुरू कर दिए जाएंगे। यहां लाए जाने वाले पशुओं के लिए चारे का टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इसके लिए भी सख्त गाइड लाइन तैयार की गई है।
सरकार ने स्ट्रे कैटल फ्री प्रदेश करने के लिए अभियान शुरू किया है। उसके तहत ही सभी जिलों के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाएं होने के कारण लावारिस पशुओं को उनमें छोड़ा जाने लगा है। साथ ही गांवों में पशुबाड़े भी बनवाए जा रहे है। लेकिन, अधिकारियों के सामने शहर के लावारिस पशुओं को रखने की समस्या है। इसको देखते हुए मंत्री कविता जैन और डीसी केएम पांडुरंग ने रुचि लेते हुए कुमासपुर में गोशाला का निर्माण कराने का फैसला लिया है। नगर निगम से वहां गोशाला बनाने के लिए कहा है। उस गोशाला को जल्द से जल्द बनाने के लिए कहा गया। इसके लिए ही नगर निगम ने पांच महीने पहले 18 एकड़ में गोशाला बनाने के लिए टेंडर छोड़ दिया था। यह गोशाला ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनाई जानी है। इसमें चार शेड बनाई जाएगी और उसमें दो हजार से ज्यादा पशु रखे जा सकते है। मंत्री और डीसी लगातार नगर निगम अधिकारियों को जल्द गोशाला निर्माण के आदेश जारी करते रहे, लेकिन कुमासपुर में गोशाला निर्माण धीमा रहा है। वहां अभी केवल दो शेड बनाए गए है। वहां अभी तक हुए काम पर लगभग सवा करोड़ रुपये खर्च हो गया है। इस तरह गोशाला का पूरा निर्माण होने में कई महीने लग सकते हैं, लेकिन जिले को स्ट्रे कैटल फ्री करने के लिए 30 सितंबर की टाइम लाइन है, जो नजदीक आती दिख रही है। इस कारण ही नगर निगम की ओर से वीरवार को गोशाला शुरू करने की पूरी तैयारी कर दी गई। उसमें वीरवार से पशु छोड़े जाने लगेंगे। वहां अभी बहुत काम बाकी है। अब देखना होगा कि नगर निगम का अधूरी गोशाला में पशुओं लाने का प्रयोग कितना सफल होता है।
गोशाला में चारे के लिए निकाला टेंडर
नगर निगम की ओर से गोशाला में चारे की सप्लाई के लिए टेंडर भी निकाला गया है। वहां अभी 600 पशुओं के चारे के लिए टेंडर निकाला गया है। यहां के दो शेड में 600 पशु ही रखे जा सकते हैं। चारे की गाइडलाइन में कहा गया है कि किसी दिन ठेकेदार चारे की सप्लाई नहीं करता है तो नगर निगम उस दिन खुद चारे का प्रबंध करेगा। ऐसा होने पर उस दिन के ठेकेदार के दोगुने पैसे काटे जाएंगे। इसके अलावा भी कई नियम चारे का ठेका छोड़ने के लिए बनाए गए हैं।
गोशाला का निर्माण कार्य बहुत हद तक पूरा हो गया है। इस कारण ही उसे वीरवार को शुरू किया जा रहा है। वहां पहले 600 पशु छोड़े जाएंगे, क्योंकि वहां दो टिन शेड बनकर तैयार हैं। इस पर अभी तक सवा करोड़ रुपया खर्च हो गया है। जितना भी काम चल रहा है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-राधेश्याम शर्मा, एक्सईएन नगर निगम