रिश्वत मांगने के आरोपी एक हवलदार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप कौर की अदालत ने दोषी ठहराते चार साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।
गांव पुगथला निवासी ओमवीर ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया था कि गांव खुबडू स्थित पुलिस चौकी में कार्यरत हवलदार जगबीर उसके भाई को अवैध शस्त्र अधिनियम में फंसाने की धमकी देते हुए रिश्वत की मांग कर रहा था। उसने बताया कि उसका भाई नरेंद्र पहले भी तमंचे सहित पकड़ा गया था। उसने बताया कि जगबीर ने उससे पहले 20 हजार और बाद में 10 हजार रुपये की मांग की।
हालांकि बाद में छह हजार देने की बात पक्की हो गई। शिकायत के बाद तत्कालीन विजिलेंस थाना प्रभारी महेंद्र ने मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद तत्कालीन नगराधीश सोनीपत रामकुमार बेनीवाल, नायब तहसीलदार नरेंद्र दलाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर विजिलेंस थाना प्रभारी महेंद्र, राजपाल, धर्मबीर, कटार सिंह, दरियाव सिंह की टीम का गठन किया गया था। टीम ने 12 सितंबर, 2011 को गांव पुगथला के बस स्टैंड पर हवलदार जगबीर को ओमवीर से रिश्वत लेते काबू किया था। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।