फोटो :11 : सोनीपत के गांव बख्तावर पुर के पास से बह रही यमुना। संवाद
सोनीपत। पहाड़ों पर हो रही बारिश से हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर बढ़ गया है। बैराज से रुक-रुककर 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना नदी के किनारे कटने लगे हैं।
वर्तमान में यमुना के किनारे खेतों में फसलें सुरक्षित हैं लेकिन यमुना बैंड में बेल और हरे चारे की कुछ फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी सोनीपत क्षेत्र पार करते हुए दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल इससे खतरा नहीं है। इसके बावजूद आगामी कुछ दिनों तक प्रशासन अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3-4 दिन में भारी बारिश की संभावना है। यही वजह है सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार यमुना क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।
ठोकर निर्माण और मरम्मत में लापरवाही का आरोप : बख्तावरपुर गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि यहां कई साल पहले ठोकर का निर्माण किया गया था लेकिन उसके बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं हुई। किसानों का कहना है कि ठोकर कमजोर होने से हर साल खेतों पर बाढ़ का खतरा मंडराता है। वहीं, सिंचाई विभाग की तरफ से बड़ौली गांव क्षेत्र में यमुना में आठ नए ठोकर बनाए जाने का काम जारी है। किसानों का मानना है कि अगर यह निर्माण समय पर और मजबूत तरीके से पूरा हो जाए तो कटाव व जलभराव की समस्या में काफी हद तक राहत मिल सकती है।
फोटो :11 : सोनीपत के गांव बख्तावर पुर के पास से बह रही यमुना। संवाद