यूपी के किसानों ने हरियाणा की जमीन कब्जाई, प्रशासन ने भेजे नोटिस
अंकित चौहान
सोनीपत। हरियाणा व यूपी का यमुना की जमीन को लेकर चल रहा विवाद कम होता नहीं दिख रहा है। अब यूपी के बागपत जिले के खेड़ा हटाना गांव के किसानों ने सोनीपत के माछरौली गांव की पंचायती जमीन पर कब्जा कर लिया है। उस जमीन पर फसल की बुआई तक कर दी गई और पंचायत के बातचीत करने के बावजूद उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इस कारण ही प्रशासन की ओर से यूपी के उन किसानों को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें साफ कर दिया गया है कि अगर वह दो दिन में कब्जा नहीं छोड़ते हैं तो उनकी बोई हुई फसल पर जेसीबी चलवाकर जमीन पर कब्जा लिया जाएगा। इस तरह जमीनी विवाद को लेकर हरियाणा व यूपी के बीच तनाव भी बढ़ता दिख रहा है।
सोनीपत के मुरथल ब्लॉक के माछरौला गांव की लगभग 22 एकड़ जमीन यमुना खादर में स्थित है। वह जमीन हर बार फसल बुआई के लिए पट्टे पर दी जाती थी, लेकिन इस बार यमुना में ज्यादा पानी आने से धार बदलने पर वह जमीन यूपी के बागपत की ओर चली गई। जिसपर बागपत जिले के खेड़ा हटाना गांव के किसानों ने कब्जा कर लिया और उस जमीन पर फसल की बुआई भी करनी शुरू कर दी। माछरौला गांव की पंचायत ने जब वहां के किसानों से बातचीत करके जमीन से कब्जा छोड़ने के लिए कहा तो किसानों ने जमीन से कब्जा छोड़ने के लिए इंकार कर दिया। जिसके बाद माछरौला की पंचायत ने डीसी समेत अन्य अधिकारियों से जमीन कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई। मुरथल बीडीपीओ की ओर से बागपत जिले के खेड़ा हटाना गांव के काफी किसानों को नोटिस जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि उनको वह जमीन दो दिन में कब्जामुक्त करनी होगी और ऐसा नहीं करने पर जमीन पर पुलिस की मदद से कब्जा लिया जाएगा। इसके बाद अन्य गांवों की जितनी भी जमीन पर यूपी के बागपत जिले के किसानों ने कब्जा किया हुआ है, उसे भी कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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माछरौला की 22 एकड़ पंचायती जमीन यूपी के बागपत जिले की ओर चली गई थी, जिसपर खेड़ा हटाना गांव के लोगों ने कब्जा किया हुआ है। उनको नोटिस जारी करके कब्जा छोड़ने के लिए कहा गया है और ऐसा नहीं किया गया तो अब दो दिन के अंदर ही जमीन कब्जामुक्त कराई जाएगी। इसके लिए पुलिस व अन्य अधिकारियों से सहयोग मांगा गया है।
-मनीष मलिक, बीडीपीओ मुरथल