अमर उजाला ब्यूरो
राई/सोनीपत। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सरकार ने निजी बसों को जरूर लगा दिया है, लेकिन उनमें यात्रियों को बेहतर व्यवस्था मिल रही है या नहीं। यह देखने के लिए खुद प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार शनिवार को सड़क पर उतर गए। परिवहन मंत्री ने नेशनल हाईवे पर बसों में व्यवस्थाओं को चेक किया और उनमें यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने का दावा किया। वहीं परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रोडवेज कर्मचारी नेताओं को बातचीत का बुलावा भी दिया है। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी नेता कभी भी बातचीत कर सकते हैं और सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है।
नेशनल हाईवे पर निजी बसों में व्यवस्थाओं की जांच करते हुए राई के रेस्ट हाउस में पहुंचे परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने जहां कर्मचारी नेताओं को बातचीत का बुलावा दिया है। वहीं यह भी साफ कर दिया है कि उनका जायज मांगों को लेकर विरोध करना सही है, लेकिन गलत मांगों को लेकर हड़ताल करने वालों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में सरकार ने जब रोडवेज के विस्तार की योजना बनाई थी तो उसके लिए कर्मचारियों व उनके नेताओं की सहमति ली गई थी। उस समय कर्मचारियों के नेताओं की ओर से शपथ पत्र भी दिया गया था कि वह विभाग की किसी भी योजना का विरोध नहीं करेंगे। मंत्री ने कहा कि कर्मचारी नेताओं से बातचीत के लिए अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है और उनको सरकार से पहले बात करने में समस्या है तो वह अधिकारियों से बात कर सकते हैं। वहीं अधिकारी खुद भी अपने स्तर से कर्मचारी नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं और उनसे बातचीत कर रहे हैं। परिवहन मंत्री ने बहालगढ़ में बस चालक पर स्याही फेंकने के मामले में कहा कि उसमें पुलिस कार्रवाई कर रही है तो परिवहन विभाग भी अपने स्तर से जांच करा रहा है और इसमें आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि जिस तरह से स्कूली व प्राइवेट बसों को लगाया गया है, उससे यात्रियों की परेशानी पूरी तरह से खत्म हो गई है। राई रेस्ट हाउस के बाद परिवहन मंत्री ने कई जगहों पर निजी बसों में व्यवस्था को जांचा और व्यवस्था बेहतर होने का दावा किया।
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प्रशासन की लापरवाही से हुआ अमृतसर हादसा
परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने अमृतसर में ट्रेन की चपेट में आकर लोगों के मरने की घटना के लिए प्रशासन की लापरवाही मानी है। जिसपर उन्होंने कहा कि वह भाजपा की ओर से मामले की जांच की मांग करते हैं। वहीं विधायक नवजौत कौर सिद्धू के घटना के बाद मौके से चले जाने को लेकर भी निंदा की।