फोटो :: सोनीपत में तीन दशक से लबित भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद के समाधान को पहुंचे दोनों पक्ष व
सोनीपत। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के मध्यस्थता केंद्र में भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद वर्ष 1995 से अदालतों में लंबित था।
समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 के तहत यह सहमति बनी। दविंदर सिंह एवं अन्य बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य मामले की प्री-लोक अदालत सुलह कार्रवाई हुई। इसमें भूमि अधिग्रहण मुआवजे पर विस्तृत चर्चा की गई। पहले अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 49 रुपये प्रति वर्ग गज मुआवजा तय किया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे बढ़ाकर 77 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया। मामला विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
सुलह बैठक में भूमि अर्जन अधिकारी, शहरी संपदा विभाग, रोहतक ने मुआवजा जारी करने पर सहमति दी। यह सहमति सुखदेवी (मृतक) बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप थी। याचिकाकर्ताओं ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस सहमति से करीब 30 वर्ष पुराना विवाद समाप्त होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव प्रचेता सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रक्रिया पूरी हुई।