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Sonipat News: छोटे कमरों में बैठ रहे 30-40 बच्चे, 200 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों पर कसेगा शिकंजा

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सोनीपत। जिले में 200 से ज्यादा गैर पंजीकृत कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। छोटे कमरों व भवनों में संचालित इन केंद्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कोचिंग सेंटरों में बचाव के उपाय और आपात स्थिति में बाहर निकलने के पर्याप्त गेट नहीं हैं। ऐसे में हादसे की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। शिक्षा विभाग ने सभी केंद्रों का पंजीकरण अनिवार्य कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
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वर्तमान समय में विद्यार्थी स्कूल कैंपस छोड़कर कोचिंग सेंटरों का रुख कर रहे हैं। अभिभावक भी उन्हें स्कूलों से नॉन अटेंडिंग दिखाकर दाखिला करा रहे हैं। इससे शहर में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़ी है। सुभाष चौक, एटलस रोड, रेलवे रोड, न्यू कॉलोनी, गीता भवन चौक, बावा तराना रोड, आदर्श नगर समेत अनेक इलाकों में ये केंद्र चल रहे हैं। 20 बच्चों की क्षमता वाले कमरों में 30 से 40 बच्चे बैठाए जा रहे हैं। तंग सीढ़ियों और छोटे कमरों के कारण आपात स्थिति में उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है।
सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी कोचिंग सेंटर संचालकों से नियमों का पालन करते हुए समयबद्ध तरीके से पंजीकरण कराने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, रेंजर फॉरेस्ट ऑफिसर नरेश कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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पंजीकरण शुल्क 10 हजार रुपये तय
मौजूदा या नया कोचिंग संस्थान शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति या संस्था को निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए 10 हजार रुपये शुल्क ऑनलाइन जमा कराना होगा। जांच के बाद प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी। समाप्ति से कम से कम एक माह पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए पांच हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। आवेदन के साथ पाठ्यक्रम, अवधि, फीस स्ट्रक्चर, प्रत्येक बैच में विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या, कक्षाओं की क्षमता और शिक्षकों व अन्य स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता का विवरण देना होगा।
विद्यार्थियों की सुरक्षा व सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर
नियमों के तहत कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, पार्किंग, पुस्तकालय और रीडिंग रूम की व्यवस्था करनी होगी। भवन के स्वामित्व या किराये की जानकारी के साथ फायर सेफ्टी एवं स्ट्रक्चरल सेफ्टी प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराने होंगे।
वर्जन
सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से निर्देश दिए हैं। जिले में संचालित प्रत्येक निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट का पंजीकरण अनिवार्य है। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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अजय चोपड़ा, अतिरिक्त उपायुक्त
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