सोनीपत में रबी सीजन के दौरान करीब 62 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दिसंबर माह में यूरिया खाद की डिमांड बढ़ जाती है। किसानों को यूरिया खाद की किल्लत न झेलनी पड़े, इसके लिए विभाग लगातार यूरिया खाद की डिमांड मुख्यालय भेज रहा है।
सोनीपत जिला में यूरिया खाद की कमी नहीं रहेगी। सोनीपत स्टेशन परिसर पर मंगलवार को 2700 मीट्रिक टन (एमटी) यूरिया खाद की रैक लगी। कृषि अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बरेली से सोनीपत में कुल 2700 एमटी यूरिया खाद पहुंची है। इसमें से जल्द 500 एमटी दिल्ली तो 100 एमटी यूरिया खाद पानीपत भेजी जाएगी। शेष 2100 एमटी यूरिया खाद जिले के खाद विक्रेताओं तक पहुंचाई जाएगी।
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इससे पहले 1 दिसंबर को सोनीपत 2600 एमटी यूरिया खाद पहुंची थी। इसमें से 900 एमटी दिल्ली तो 100 एमटी यूरिया खाद को पानीपत भेजा गया था। शेष 1600 एमटी यूरिया खाद को जिला के खाद विक्रेताओं तक पहुंचा गया था। अधिकारियों ने कहा कि जिला में 1.45 लाख हेक्टेयर में गेहूं की औसतन बिजाई होती है। इसके अतिरिक्त पांच से सात हजार हैक्टेयर भूमि में किसान सरसों की बिजाई करते हैं।
सोनीपत में रबी सीजन के दौरान करीब 62 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दिसंबर माह में यूरिया खाद की डिमांड बढ़ जाती है। किसानों को यूरिया खाद की किल्लत न झेलनी पड़े, इसके लिए विभाग लगातार यूरिया खाद की डिमांड मुख्यालय भेज रहा है। मंगलवार को सोनीपत स्टेशन पर 2700 एमटी यूरिया खाद की रैक लगी है। जिला में जितनी खाद पहुंचेगी, उसकी 40 फीसदी पैक्स पर भेजी जाएगी, ताकि किसानों को अपने घर के आसपास ही खाद उपलब्ध हो सके।
अधिकारी के अनुसार
जिला के किसानों को यूरिया खाद के लिए परेशानी नहीं झेलनी पडे़गी। मंगलवार को सोनीपत स्टेशन पर 2700 यूरिया खाद की रैक लगी। इसमें से 2100 एमटी यूरिया जिला के किसानों को मुहैया करवाई जाएगी। किसानों को दिसंबर में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसान आवश्यकता के अनुसार ही खाद की खरीद करें। -डॉ. पवन शर्मा, उप निदेशक, कृषि विभाग, सोनीपत।