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Sonipat News: उपाधियां पाकर खिले 262 विद्यार्थियों के चेहरे

Wed, 08 Oct 2025 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 23: सोनीपत के कुंडली ​स्थित निफ्टम में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान मेधावी विद्या​र्थिय
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सोनीपत। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) में स्थापना दिवस और 6वां दीक्षांत समारोह का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ मंगलवार को किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि भारत के पास विज्ञान, नवाचार और उद्यमशीलता के माध्यम से वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का अद्वितीय अवसर है।
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दीक्षांत समारोह में 262 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 126 बीटेक, 92 एमटेक, 27 एमबीए और 17 पीएचडी विद्यार्थी शामिल रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रो. अजय कुमार सूद ने छात्रों से आह्वान किया कि वह अपने ज्ञान का उपयोग देश और विश्व के 2.6 अरब लोगों के पोषण सुधार में योगदान देने के लिए करें।
वह खाद्य नवाचार के क्षेत्र में अद्वितीय भूमिका निभाएं। निफ्टम के निदेशक डॉ. एचएस ओबेरॉय ने बताया कि संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 17 पेटेंट दायर किए, 18 प्रौद्योगिकियां हस्तांतरित कीं, 16 नई तकनीक विकसित की और 15 रणनीतिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
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उन्होंने कहा कि संस्थान ने नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देते हुए 15 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन दिया है, जिनमें से मेसर्स रिपीट गुड प्रा. लि. और मेसर्स द नैचुरिक कंपनी को शार्क टैंक इंडिया जैसे प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शित किया गया।

प्रो. वी. रामगोपाल राव ने कहा कि निफ्टम खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान और शिक्षा के माध्यम से आईआईटी जैसी शैक्षणिक पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहीं श्याम सुंदर अग्रवाल ने छात्रों को कृषि और खाद्य उद्योग में स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।


विद्यार्थी बोले


-हमारे देश में खाद्यान्न का उत्पादन बहुत अधिक हो रहा है। प्रसंस्करण नहीं होने से काफी खाद्यान्न बर्बाद हो जाता है। मेरी पहल रहेगी कि किसान के स्तर पर ही प्रसंस्करण करने के लिए बढ़ावा दिया जाए। इससे फसल को खराब होने से बचाया जा सकेगा। -सूरज सोलंकी।


-देश में खाद्यान्न उत्पादन में कमी नहीं है। इसके बाद भी बहुत से लोगों को भूखा सोना पड़ता है। मेरा मानना है कि ऐसी रिसर्च की जाए जिससे सभी को स्वास्थ्यवर्धक व उत्तम भोजन मिल सके। मैं खाने को प्रसंस्करण के बाद भी उसे स्वास्थ्यवर्धक बनाए रखने के लिए रिसर्च करना चाहता हूं।-सौरभ केसरी


-खाद्य प्रसंस्करण के ऑडिट क्षेत्र में जाकर खाद्यान्न को बेहतर बनाया जा सकता है। मैं खाद्यान्न की क्वालिटी बनाए रखने पर काम करना चाहता हूं।-तरुण
-ज्यादा से ज्यादा खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित की जानी चाहिए। इससे न केवल रोजगार पैदा होगा, बल्कि खाद्यान्न को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। मैं किसानों को प्रेरित करुंगा कि अगर एक किसान यूनिट स्थापित करने में अक्षम है तो कई मिलकर यह पहल कर सकते हैं।-योगेश
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