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Sonipat News: डेंगू के 25 मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

Mon, 25 Aug 2025 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 19: सोनीपत के गांव बड़ौली में एक महिला की रक्त जांच के लिए नमूने लेते एमपीएचडब्ल्यू रामअवत - फोटो : तटवर्ती इलाकों में कटान करती सरयू।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। जिले में डेंगू के 25 मरीज पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इन मरीजों में अधिकतर यमुना नदी के किनारे बसे गांवों के रहने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने डेंगू प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान और फीवर मास सर्वे शुरू कर दिया है। बुखार पीड़ितों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
बारिश के मौसम में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे गांवों में डेंगू व मलेरिया की मरीजों के मिलने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यमुना के किनारे बसे गांवों में फीवर मास सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान बुखार के मरीजों की पहचान की जा रही है। साथ ही विभाग की उन्हें दवाएं उपलब्ध करा रहा है।
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लोगों को बताया जा रहा है कि अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित नहीं होने दें। कूलर और हौद में पानी कई दिनों तक नहीं रहने दें। शरीर को ढंक कर रखें ताकि मच्छरों से बचाव किया जा सके। इसके साथ ही मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
जिले की सीमा में यमुना के साथ लगते 30 गांव हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद इन गांवों में जलजनित बीमारियां फैलने का खतरा मंडराता रहता है। जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
डेंगू के जो 25 मरीज मिले हैं उनमें चार मरीज बढ़खालसा सीएचसी क्षेत्र के हैं। यमुना से सटे गांवों में डेंगू के मरीज मिलने के बाद विभाग सतर्क हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू की दस्तक व घर-घर में लोगों के वायरल बुखार की चपेट में आने से अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग रही है। अस्पतालों में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। डेंगू के लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देते हुए विभाग की ओर से एंटी लार्वा एक्टिविटी तेज कर दी है। लोगों को अपनी रक्त जांच कराने की अपील की जा रही है जिससे कि समय रहते बीमारियों का नियंत्रण किया जा सके। डेंगू का मरीज मिलने के बाद विभाग की ओर से उसके घर व आसपास 50 घरों में फॉगिंग की जा रही है।
बीमारियों से बचाव के लिए गांवों में बांटी जा रहीं दवाएं
यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के आसपास गांवों में जलभराव है। इसके चलते संक्रामक और जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। पानी और खानपान दूषित होने के कारण लोग अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। उल्टी-दस्त, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, त्वचा और नेत्र रोग पनपने का खतरा बना हुआ है। बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांवों में पानी को शुद्ध करने के लिए ड्रिंकवेल टेबलेट बांट रहे हैं। उल्टी-दस्त की स्थिति में मरीजों को दवा के साथ ओआरएस व ग्लूकोज पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए संबंधित सीएचसी व पीएचसी में दवा का स्टॉक किया गया है। बहुउद्देश्यीय कर्मचारियों व आशा कार्यकर्ता को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मरीजों को एहतियात बरतने की दी जा रही सलाह
सीएचसी-पीएचसी में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों-तीमारदारों को पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीने, ताजा भोजन सेवन करने की सलाह दी जा रही है। मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाकर सोएं। दिन में भी शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
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वर्जन
यमुना नदी के किनारे स्थित गांवों में स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलजनित बीमारियां फैलने का खतरा है। गांवों में विभाग की ओर से फीवर मास सर्वे किया जा रहा है। बुखार के मरीज मिलने के बाद उनके सैंपल लेकर लैब में भेजे जा रहे हैं। साथ ही उन्हें मौके पर उपचार दिया जा रहा है।-डॉ. योगेश गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी स्वास्थ्य विभाग।
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