सोनीपत। शुगर मिल में करीब दो माह बाद पेराई सत्र शुरू होने वाला है। लेकिन मिल के हालात अभी से खराब है। पिछले काफी समय से चीफ इंजीनियर व कैन मैनेजर समेत 249 पद खाली पड़े है। ऐसे में मिल का संचालन ठेका कर्मियों से करवाया जा रहा है। जिसके चलते मिल के पेराई क्षमता पर भी असर पड़ रहाहै। मिल के एमडी सुरेंद्र दून ने इस संबंध में मुख्यालय पत्र लिखकर खाली पड़े पदों को भरने, समायोजन या फिर सीधी भर्ती द्वारा स्थाई रूप से भरने की अनुमति मांगी है। ऐसे में अगर खाली पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो इस बार भी पेराई सत्र में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
शुगर मिल प्रबंधन की ओर से नवंबर में शुरू होने वाले नए पेराई सत्र की तैयारियां शुरू कर दी है। गन्ने के सर्वे के साथ-साथ मिल की मरम्मत के काम को भी पूरा किया जा रहा है। एक सप्ताह मे किसानों के गन्ने की बॉडिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। कर्मचारियों की कमी के चलते पेराई सत्र शुरू होने के बाद मिल को चलाना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी की वजह से मिल प्रशासन टारगेट को पूरा करने में पिछले पिराई सत्र में भी पिछड़ गया था।
शुगर मिल में करीब 249 पद खाली, 60 महत्वपूर्ण पदों के लिए भेजी डिमांड
सोनीपत शुगर मिल में 249 पद खाली पड़े हुए है। इसिमें से 60 महत्वपूर्ण पदों के खाली रहने की वजह से शुगर मिल की क्षमताओं पर भी असर पड़ रहा है। उक्त पदों को भरने के लिए मिल प्रशासन द्वारा मुख्यालय में डिमांड भेजी है। इन महत्वपूर्ण पदों में चीफ इंजीनियर, डिप्टी चीफ इंजीनियर, बॉयलर ऑपरेटर इंजीनियर, वर्कशॉप फॉरमैन इंजीनियर, कैन मैनेजर, कैन अपलोड ऑपरेटर, शुगर सेल मैनेजर, सिक्योरिटी इंस्पेक्टर, चीफ अकाउंट ऑफिसर आदि शामिल हैं।
पिछले पेराई सत्र में आउटसोर्स पर लगाया था चीफ इंजीनियर
शुगर मिल में पिछले दो वर्ष से चीफ इंजीनियर का पद खाली पड़ा हुआ है। जिसकी वजह से पिछले पेराई सत्र में किसानों को बार-बार ब्रेक डाउन का सामना करना पड़ा। शुगर की टरबाइन में भी कई बार समस्याएं पैदा हुई। मजबूरी में शुगर मिल को शुरूआत में आउटसोर्सिंग के तहत मोटा वेतन देकर चीफ इंजीनियर मंगवाना पड़ा था, वहीं पिराई सत्र के अंतिम दिनों में आउटसोर्सिंग के तहत लगाए गए चीफ इंजीनियर को हटाकर चीफ इंजीनियर का अतिरिक्त कार्यभार चीफ केमिस्ट को सौंपना पड़ा था। चीफ केमिस्ट को चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भी बनाया गया। इसके अतिरिक्त कैन मैनेजर का पद भी खाली होने की वजह से बार-बार कैन मैनेजर बदलने पड़े।
चीनी का रिकवरी रेट भी गिरा
सोनीपत शुगर मिल की गन्ना पिराई क्षमता 22 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। पिछले पेराई सत्र में करीब 35 लाख क्विंटल गन्ने की बॉडिंग किसानों के साथ की गई थी। परंतु चीफ इंजीनियर सहित कई महत्वपूर्ण पदों के खाली रहने की वजह से मिल 20 मई तक करीब 29 लाख 56 हजार क्विंटल गन्ने की ही पेराई कर पाया। इससे चीनी की रिकवरी पर भी काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। गत पिराई सत्र में रिकवरी रेट महज 9.15 प्रतिशत ही रही।
सोनीपत शुगर मिल में चीफ इंजीनियर सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली है। इन्हें भरने के लिए मुख्यालय डिमांड भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही खाली पदों को भर दिया जाएगा।
-सुरेंद्र दून, एमडी शुगर मिल