नगर निगम की वार्डबंदी पूरी कर अधिसूचना जारी, जल्द चुनाव करा सकती है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नगर निगम से 13 गांव बाहर निकलने के बाद दोबारा शुरू की गई वार्डबंदी का काम पूरा हो गया है और इसकी प्राथमिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। जहां निगम से 13 गांव बाहर निकलने से पहले 22 वार्ड बनाकर वार्डबंदी की गई थी, वहीं अब 20 वार्ड बनाए गए हैं। इनमें से 11 वार्ड को आरक्षित रखा गया है। निगम कमिश्नर की ओर से अब वार्डबंदी पर आपत्ति मांगी गई है और उसके बाद फाइनल अधिसूचना जारी हो जाएगी। इस तरह वार्डबंदी होने पर जल्द ही नगर निगम के चुनाव कराए जाने की उम्मीद भी जगी है, क्योंकि यहां पिछले तीन साल से ज्यादा समय से शहर में सरकार नहीं है। जुलाई 2015 में सोनीपत नगर परिषद को नगर निगम बनाया था। अक्टूबर 2016 में वार्डबंदी के लिए एक कमेटी गठित की गई और जनवरी 2017 में एक एजेंसी को सर्वे का काम सौंपा गया। संबंधित एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया तो निगम की ओर से वार्डबंदी के लिए दोबारा टेंडर किया गया था। जिसके बाद 2018 में निगम की ओर से वार्डबंदी की गई थी। जिसमें 4 लाख 1 हजार 366 की आबादी पर 22 वार्ड बनाए गए थे। लेकिन इस वार्डबंदी की अधिसूचना जारी होते ही नगर निगम में शामिल किए गए 26 गांवों को बाहर निकालने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया। जिसमें से 13 गांवों को निगम से बाहर कर दिया था और उसके बाद दोबारा से वार्डबंदी शुरू की गई थी।
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13 गांव निकलने पर ऐसे हुआ था निगम की सीमा का निर्धारण
नगर निगम से मुकीमपुर, दिपालपुर, खेवड़ा, हरसाना, नसीरपुर बांगर को पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है। वहीं मुरथल, नांगल खुर्द, कुमासपुर, किशोरा, चौहान जोशी, बहालगढ़, असावरपुर, बैंयापुर गांवों को बाहर किया गया है, लेकिन इनकी खेती व अन्य कुछ जमीन नगर निगम में रहेगी। इनके अलावा बढ़खालसा, ककरोई, महलाना, भिगान, हसनपुर, इब्राहिमपुर कुराड के कुछ हिस्से को नगर निगम में शामिल किया गया है।
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अब 3.40 लाख की आबादी पर बनाए 20 वार्ड
नगर निगम की ओर से 3 लाख 40 हजार 919 आबादी पर 20 वार्ड बनाए गए हैं। इनमें से 11 वार्ड आरक्षित होंगे। उन वार्डों में बीसी कैटेगरी के 2, एससी कैटेगरी के 3 व महिला के लिए 6 वार्ड आरक्षित होंगे। इसके अलावा हर वार्ड में करीब 12 से 18 हजार की जनसंख्या है। इस तरह वार्डबंदी होने से लग रहा है कि सरकार जल्द ही चुनाव करा सकती है। क्योंकि नगर निगम बने हुए तीन साल से ज्यादा का समय हो चुका है और यहां अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं।
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