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पीआर धान बेचने को मंडी में रात काट रहे किसानों, धान की अन्य किस्म में नमी बता 400 रुपये कम में खरीद रहे

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत। पहले धान की फसल तैयार करने में किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ी तो अब मंडी में धान बेचने के लिए किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। धान बेचने के लिए किसानों को मंडी के अंदर ही रात काटनी पड़ रही है। यहां नई अनाज मंडी में पीआर धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यहां हालात यह है कि पिछले तीन दिनों से मंडी में पीआर धान की खरीद नहीं की गई। किसानों को पीआर किस्म के धान में नमी बताकर अधिकारी खरीदने से इंकार कर रहे हैं। वहीं 1509 किस्म का सूखा धान 2940 रुपये प्रति क्विंटल बेचा गया तो वहीं नमी बताकर इस धान को 2540 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। पीआर धान की खरीद नहीं होने व नमी के कारण कम दाम में धान बिकने से किसान मायूस हैं।
नई अनाज मंडी में किसान बिक्री के लिए धान लेकर पहुंच रहे हैं। जहां 1509 किस्म के धान की बिक्री तेजी से हो रही है, लेकिन पीआर किस्म के धान वाले किसानों को बिक्री के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में 1509 किस्म के सूखे धान को शुक्रवार को 2940 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया। लेकिन इस 1509 किस्म के धान को लेकर पहुंचे कई किसानों को नमी बताकर धान केवल 2540 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया। इस तरह एक ही किस्म के धान को सूखा व नमी बताकर 400 रुपये तक का अंतर किया जा रहा है। किसान जगबीर हरसाना, जगदीश, धर्मवीर आदि ने बताया कि वह तीन दिन पहले मंडी में पीआर धान लेकर पहुंचे थे। जिसकी अभी तक बिक्री नहीं कराई गई। मंडी के अधिकारी पीआर धान की खरीद करने से बचने के लिए कोई न कोई बहाना बना देते हैं। कभी एजेंसी वालों के नहीं आने तो कभी धान में नमी बताकर अधिकारी चले जाते हैं। पीआर धान की बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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नमी दूर करने के लिए मंडी में सुखाया जा रहा धान
मंडी में नमी के कारण जिस धान की बिक्री नहीं की गई, किसानों ने मंडी परिसर में फैलाकर उसे सुखाना शुरू कर दिया है। नमी वाले धान का दाम कम मिलने व खरीद में आनाकानी की समस्या दूर करने के लिए धूप में सुखाया जा रहा है। इसके लिए किसानों को एक से दो दिन तक मंडी में बिताने पड़ रहे हैं।
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पीआर किस्म का धान तीन दिन पहले लेकर मंडी आया था, लेकिन अभी तक नहीं बेचा जा सका। आढ़ती के साथ मंडी के अधिकारियों से गुहार लगाई तो नमी बताकर अधिकारियों ने पल्ला झाड़ दिया, जबकि उसके धान में नमी नहीं है। धान की रखवाली के लिए रातभर जागना पड़ता है। -जगबीर, हरसाना
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मंडी में 1509 किस्म का धान 2941 रुपये प्रति क्विंटल बेचा गया, लेकिन काफी किसानों के धान में अब थोड़ी नमी होने के कारण 2550 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। इस तरह सूखे व नमी की बात कहकर एक ही किस्म के धान में 400 रुपये तक का अंतर कर दिया गया। -रूप सिंह, जाजल।
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वर्जन-
मशीन से काटने के बाद पीआर धान तुरंत मंडी में लाया जा रहा है, जिसमें ज्यादा नमी होती है। धान में नमी होने के कारण एजेंसी खरीद करने से हाथ खड़े कर देेती है, जिससे उन्हें नुकसान होता है। किसानों को सुखाकर धान लाने को कहा गया है, क्योंकि सूखे पीआर धान को जल्द बेच दिया जाता है। 1509 किस्म के धान में नमी होने के कारण कम दाम में बिक रहा है। -ज्योति मोर, असिस्टेंट सेक्रेटरी, मार्केट कमेटी।
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