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Sonipat News: 19 टीमों ने 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों पर डाला छापा, 20 पिट फर्नेस बंद

Fri, 19 Dec 2025 02:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :26: सोनीपत के खरखौदा स्थित फैक्टरी में जांच करने पहुंचे एसडीएम डॉ. निर्मल नागर। संवाद
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सोनीपत। जिले में हवा की लगातार बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-4) के तहत वीरवार को बड़े स्तर पर औद्योगिक इकाइयों पर छापा डाला। निरीक्षण अभियान उच्चतम न्यायालय और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के दिशा निर्देशों के तहत किया गया।
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ग्रैप-4 के नियमोें का पालन करवाने के लिए वीरवार को 19 संयुक्त टीमों ने 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की गहन जांच की। इस दौरान 20 पिट फर्नेस बंद करवाई गईं। डीजल डीजी सेट और कोयला जलाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है। अभियान की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए राई विश्राम गृह में अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया। वहां पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी गई।
अभियान उपायुक्त सुशील सारवान के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, एसडीएम गोहाना अंजलि क्षोत्रिया, एसडीएम खरखौदा निर्मल नागर, एसडीएम गन्नौर प्रवेश कादियान, एमडी शुगर मिल संजय कुमार सहित 70 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा। मानकों की अनदेखी पर त्वरित कार्रवाई की सिफारिश की गई।
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सीलिंग और बिजली कटौती के लिखा

निरीक्षण के दौरान औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्य प्रणाली, ईंधन का प्रकार, उत्सर्जन मानक, डीजल जनरेटर सेट, धूल नियंत्रण उपाय और निर्माण गतिविधियों की सघन जांच की गई। जहां भी ग्रैप-4 के नियमोें का उल्लंघन पाया गया वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट सीएक्यूएम को भेजी गई। कई मामलों में उद्योगों को मौके पर ही बंद कराया गया जबकि सीलिंग, बिजली कनेक्शन कटौती और आर्थिक जुर्माने की सिफारिश की गई है।



क्षेत्र के अनुसार कार्रवाई में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

-फिरोजपुर बांगर क्षेत्र में करीब 20 फैक्टरियों में पिट फर्नेस जलती पाई गईं। उन्हें तुरंत बंद करा दिया गया।

-कुंडली और प्याऊ मनियारी में कई फैक्टरियों की छतों पर भारी मात्रा में डस्ट जमा मिली। यहां प्रतिबंधित डीजल डीजी सेट और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग उपकरणों की कमी भी सामने आई।

-गन्नौर क्षेत्र के सनपेड़ा, रामनगर, धतूरी और कामी रोड सहित कई इलाकों में ग्रैप-4 के दौरान निर्माण कार्य जारी मिले। वहीं, कुछ चावल मिलों में कोयला जलाने के मामले भी उजागर हुए।

-सोनीपत क्षेत्र में आयुर्वेदिक दवा कंपनियों सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों की खुली अनदेखी सामने आई।
खरखौदा में मिली अनियमितता

एसडीएम डॉ. निर्मल नागर के नेतृत्व में क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। कई इकाइयां बिना वैध अनुमति के चलती हुई मिलीं। कई स्थानों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की अनदेखी सामने आई। इकाइयों से निकलने वाले धुएं, धूल और अपशिष्ट से आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार बढ़ते प्रदूषण से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
बिना टमाटर की चटनी बनाते हुए पकड़ा

जांच के दौरान एक खाद्य प्रसंस्करण इकाई भी प्रशासन की नजर में आई। वहां पर बिना टमाटर के चटनी तैयार की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने फूड सेफ्टी विभाग को संबंधित यूनिट के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कुछ इकाइयों में एल्युमिनियम पिघलाकर स्लैब निर्माण, लोहे से जंग हटाने की प्रक्रिया तथा एक स्थान पर बैटरी सेल पिघलाने का कार्य पाया गया। इसे पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक बताया गया। निरीक्षण के समय कई इकाइयां बंद मिलीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच से बचने के लिए बंद पाई गई इकाइयों को भी क्लोजर नोटिस जारी किया जाएगा।
एनसीआर में गंभीर प्रदूषण

प्रशासन के अनुसार एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 से ऊपर पहुंचकर गंभीर बात है। इसके चलते ग्रैप-4 के सबसे कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके तहत निर्माण व तोड़फोड़ के कार्यों पर पूरी रोक, गैर स्वच्छ ईंधन आधारित उद्योगों का संचालन बंद करने, डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध, कोयला जैसे प्रदूषणकारी ईंधनों के उपयोग पर रोक तथा सड़कों पर यांत्रिक झाड़ू और जल छिड़काव जैसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने बताया कि सोनीपत में एक्यूआई 300 से नीचे बना हुआ है। वीरवार को यह 290 दर्ज किया गया। उसके बाद भी किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रैप-4 के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सीलिंग, बिजली कनेक्शन कटौती और भारी जुर्माने जैसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सभी प्रदूषण नियंत्रण में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी प्रदूषणकारी गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। -सुशील सारवान, उपायुक्त सोनीपत

फोटो :26: सोनीपत के खरखौदा स्थित फैक्टरी में जांच करने पहुंचे एसडीएम डॉ. निर्मल नागर। संवाद

फोटो :26: सोनीपत के खरखौदा स्थित फैक्टरी में जांच करने पहुंचे एसडीएम डॉ. निर्मल नागर। संवाद

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