सोनीपत। गांव बैंयापुर की पंचायत ने 23 साल पहले 480 लोगों को खाद गड्ढों के लिए जमीन दी, जिस पर अधिकतर ने मकान बना लिए। अब 23 साल बाद इन सभी लोगों को खाद गड्ढे अवैध बताकर नगर निगम ने नोटिस भेजे है और मकान गिराने के आदेश दिए गए है। नोटिस मिलने के बाद ग्रामीण हैरान है। बुधवार को बैंयापुर के लोग ने नगर निगम कार्यालय में हंगामा किया। वहां निगम आयुक्त वीरेंद्र हुड्डा को पूरे मामले की जानकारी दी गई तो निगम आयुक्त ने लोगों को पंचायत से मिले खाद गड्ढों के कागजात लेकर चार सितंबर को निगम कार्यालय में आने को कहा। जिस पर निगम की ओर से गठित कमेटी संबंधित कागजों की जांच करके फैसला लेगी।
ग्रामीण कृष्ण, रामकुमार, जयभगवान, मामचंद, लतीफ, हिमाचल आदि ने बताया कि वर्ष 1994 में ग्राम पंचायत ने 480 खाद गड्ढे मुफ्त में दिए थे। हर किसी को खाद गड्ढे के लिए 3 मरले जमीन दी गई थी। इसकी 95 लोगों की रजिस्ट्री करा दी गई, जबकि अन्य सभी की 25-25 रुपये चूल्हा टैक्स की पर्ची थमा दी गई। उसके बाद अधिकतर लोगों ने उस जमीन पर अपने मकान भी बना लिए। अब 23 साल बाद नगर निगम ने इन खाद गड्ढों को अवैध बताकर नोटिस जारी कर दिए, जिससे लोगों में रोष बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पंचायत विभाग ने इन गड्ढों को कभी अवैध नहीं बताया और उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। अब नगर निगम ने इन गड्ढों में बने मकानों को अवैध बताते हुए मकान गिराने को नोटिस जारी कर दिए। ग्रामीण जगदीश, सुधीर, राधेश्याम, सुरेश, संजय व संजीव कुमार ने बताया कि 23 साल पहले मिले खाद गड्ढों से संबंधित कागजात कई लोगों से गुम हो चुके है। पंचायत की ओर से दिए गए गड्ढों में बने मकान अवैध कैसे हो सकते हैं। ग्रामीणों को निगम की ओर से जारी किया गया नोटिस गलत है। आयुक्त वीरेंद्र हुड्डा ने ग्रामीणों से कहा कि नगर निगम की ओर से अवैध निर्माण पर नोटिस जारी किए गए है। खाद गड्ढों से संबंधित कागजातों की जांच 4 सितंबर को निगम कार्यालय में की जाएगी। गड्ढे से संबंधित कागजात किसी के पास है तो वह उन कागजातों को लेकर निगम कार्यालय में आकर दिखा सकता है।