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उद्योगपति का अपहरण, पुलिस ने 50 मिनट में मुठभेड़ के बाद छुड़वाया, बदमाश घायल

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नरेला/कुंडली। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति का घर लौटते समय बदमाशों ने अपहरण कर लिया। उद्योगपति के अपहरण का पता लगते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर महज 50 मिनट बाद ही अपहरणकर्ताओं से मुठभेड़ के बाद उद्योगपति को छुड़ा लिया। मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हुआ है। मामले में पुलिस ने दो अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया है और दो अन्य मौके से फरार हो गए।
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दिल्ली के प्रीतमपुरा में रहने वाले यशीष अरोड़ा की सोनीपत के कुंडली में फैक्ट्री है। वह मंगलवार देर रात करीब पौने ग्यारह बजे कुंडली से वापस घर जा रहा था तो सिंधु बॉर्डर के पास से उद्योगपति यशीष अरोड़ा का अपहरण कर लिया गया। पुलिस को जानकारी मिली की बदमाशों ने उद्योगपति को उसी की कार में अगवा किया है। जिस पर दिल्ली के अलीपुर थाने के इंस्पेक्टर सतीश कुमार की टीम ने अपहरणकर्ताओं की तलाश करना शुरू कर दिया। इसी बीच उद्योगपति के परिजन भी पुलिस टीम के पास आ पहुंचे। जीपीएस व मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस गांव बख्तावरपुर के निकट पहुंची, जहां यशीष की कार को देखकर उसके परिजनों ने पहचान लिया। वह कार पंचर हो गई थी और बदमाश उसका टायर बदल रहे थे। डीसीपी ऋषिपाल ने बताया कि पुलिस टीम ने कार के पास खड़े बदमाशों से यशीष को छोड़ने के लिए कहा। इस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायर कर दिया। जिस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की तो गोली एक बदमाश के पैर में जा लगी। जिसके बाद पुलिस ने मौके से दो बदमाशों को दबोच कर यशीष को मुक्त करवा लिया। घायल बदमाश की पहचान विवेक व उसके साथी की आशीष निवासी नोएडा यूपी के रूप में हुई है। पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। पूछताछ में पता लगा कि उनके दो साथी फरार हो गए है। पुलिस उनकी तलाश तेज कर दी है।
कार को टक्कर मारकर रुकवाया
बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वह सिंधु बार्डर से उद्योगपति का पीछा करने लगे थे। वह उसका अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलने के चक्कर में थे। चारों बदमाशों ने अपनी कार से यशीष की कार का पीछा करना शुरू कर दिया था। सिंघू बार्डर से निकलते ही उन्होंने उद्योगपति की कार को टक्कर मार दी। जिससे वह कार को रोककर नीचे उतर आया। तभी उन्होंने उसे पिस्तौल दिखाकर काबू कर लिया। उसी की कार में उसको अगवा कर दिया गया।
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दोस्त ने फोन पर सुनी बात तो परिजनों को बताया
जांच में सामने आया कि जब यशीष का अपहरण किया गया तो वह ब्लू टूथ के द्वारा अपने साथी से मोबाइल पर बात कर रहा था। जिसका अपहर्ताओं को पता नहीं था। उसके दोस्त ने यशीष की बात सुन ली और अपहरण का अंदेशा हो गया था। उसने तुरंत परिजनों का अवगत कराया। जिस पर परिजनों ने पुलिस की मदद ली और महज 50 मिनट में ही आरोपी धरे गए।
मुस्तैदी से तुरंत सुलझी बड़ी वारदात
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल ने बताया कि पुलिस ने सूचना मिलते ही मुस्तैदी से कार्रवाई शुरू कर दी थी। जिसके चलते बड़ी वारदात को तुरंत सुलझा लिया गया। बदमाशों के साथियों की पहचान हो गई है, उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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