सौतेली मां को प्रेमी संग देखा तो कर दी थी बेटी की हत्या, मां व प्रेमी को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मासूम बच्ची की हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए दोष साबित होने पर सौतेली मां व उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
मूलरूप से यूपी के जिला शामली के गांव इस्सीपुर निवासी रविंद्र ने 27 अप्रैल, 2016 को सिविल लाइन थाना में अपनी बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। रविंद्र ने बताया था कि वह फिलहाल सेक्टर-12 में रहता है। उसकी 10 वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई। उसे उसकी पत्नी सुनीता अपने साथ लेकर आईक्रीम खिलाने गई थी। जिस पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो एक सीसीटीवी फुटेज में सुनीता अपनी सौतेली बेटी तनु को लेकर जाती दिखाई दी। जिस पर पुलिस ने शक के आधार पर सुनीता को गिरफ्तार कर लिया था। जिससे पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया था कि तनु को उसके प्रेमी यूपी के गाजियाबाद के गांव कुशलिया निवासी अतीकू रहमान ने मार दिया है। सुनीता ने बताया था कि अतीकूरहमान से उसके प्रेम संबंध बन गए थे। उसे व अतीकूरहमान को तनु ने देख लिया था। जिस पर पकड़े जाने के भय से उसने अपने प्रेमी के साथ अपनी बेटी को भेज दिया था। आरोपी ने मुरादाबाद के पास गंग नहर में उसे फेंक दिया था। पुलिस ने शव का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने सुनीता व अतीकूरहमान को दोषी करार दिया। उन्हें भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 201 में सात साल कैद व पांच हजार रुपये व 365 में सात साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
सीसीटीवी फुटेज बना सजा का आधार
घटना में पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज सजा का आधार बनी। सुनीता ने बताया था कि वह बेटी को आइसक्रीम खिलाने लाई थी। जिसके बाद वह लापता हो गई। जबकि फुटेज में वह अपनी बेटी को लेकर जाती थी। जिसके बाद ही पुलिस ने पूछताछ की मामले का पटाक्षेप किया था।