अमर उजाला ब्यूरो
कुंडली।
एचएसआईआईडीसी की मनमानी के खिलाफ कुंडली के उद्योगपति आंदोलन के लिए खड़े हो गए है और 14 नवंबर से धरना देने का फैसला लिया है। कुंडली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की मंगलवार को हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया और अपनी मांग पूरी नहीं होने तक धरना देने की बात कही है। जिस तरह से उद्योगपतियों ने आंदोलन शुरू करने की बात कही है, उसमें बड़री संख्या में उद्योगपति जुड़ सकते है।
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को कुंडली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों व उद्योगपतियों की एक बैठक हुई। उस बैठक में एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों पर मनमानी करके मेक इन इंडिया की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कहा गया कि औद्योगिक क्षेत्र में लगातार प्लॉटों की नीलामी की जा रही है, जबकि वहां मूलभूत सुविधाएं पहले से मौजूद फैक्ट्रियों के लिए नहीं दी जा रही है। वहां सबसे बड़ी बिजली की समस्या है और उसके लिए आधारभूत संरचना का अभाव है। वहां पिछले छह माह से निगम न नए कनेक्शन दिलवा रहा है न ही लोड़ बढ़ाने की अनुमति ही प्रदान कर रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में सब स्टेशन नहीं होने से इस तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा बैठक में इन्हांसमेंट का मुद्दा उठाया गया। जिसको लेकर कहा गया कि फेज चार के उद्योगपतियों से इन्हांसमेंट के लिए रुपये मांगना पूरी तरह से गलत है, क्योंकि सेक्टर चार में कई साइट पड़ी हुई है। उनको बेचकर एचएसआईआईडीसी उस कोर्ट से तय हुई इन्हांसमेंट की रकम को चुकता कर सकता है। इसके बावजूद भी प्लॉट धारकों को परेशान किया जा रहा है। इस कारण ही बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 नवंबर से बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। इसके लिए एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने कहा कि इस धरने में प्रदेश की सभी औद्योगिक यूनियन के लोग आ सकते हैं, जिससे एचएसआईआईडीसी उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करें। इस दौरान लघु उद्योग भारती की सोनीपत ईकाई के अध्यक्ष मदनलाल गांधी भी मौजूद रहे।