अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
गन्नौर नगर पालिका चेयरमैन की कुर्सी को लेकर शहर की राजनीति गरमाती जा रही है। चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा कांग्रेस समर्थित होने के कारण उनको हटाने के लिए पूरी व्यूह रचना भी रची जा चुकी है। जिसके लिए 12 पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीसी को शपथ पत्र सौंप दिया है, लेकिन इस बीच ही एक ऑडियो वायरल हुई है। उस ऑडियो में एमपी साहब के घर मीटिंग होने की बात कही जा रही है तो पहले उधार लिए हुए पैसे अभी नहीं काटने की बात हो रही है। यह ऑडियो क्लिप एक पार्षद पति व पार्षद के बेटे के बीच बातचीत की कही जा रही है, जिससे पार्षदों मेें रुपये के लेनदेन का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि उस ऑडियो क्लिप में यह साफ नहीं कहा जा रहा है कि रुपयों के लेनदेन का पूरा मामला क्या है।
गन्नौर नगर पालिका में कांग्रेस समर्थित सतप्रकाश शर्मा चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज हैं। चेयरमैन को हटाने के लिए पिछले कई दिनों से व्यूह रचना रची जा रही है और इस व्यूह रचना में गन्नौर के 17 पार्षदों में से 12 एकजुट हो गए हैं। इन 12 पार्षदों ने सोमवार को डीसी से मिलकर चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपा था। इस तरह सोमवार को पहली बार यह सभी पार्षद खुलकर चेयरमैन के खिलाफ आए थे। पार्षदों ने चेयरमैन की सभी पावर छीनने की मांग डीसी के सामने रखी थी। इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं हुआ कि मंगलवार को गन्नौर का एक ऑडियो वायरल हो गया।
उस ऑडियो में पार्षद पति व पार्षद के बेटे के बीच बातचीत हो रही है जो लगभग साढ़े पांच मिनट का ऑडियो है। उसमें रुपयों के लेनदेन से लेकर एमपी के घर सभी की मीटिंग होने की बात कही जा रही है। उस ऑडियो में पार्षद पति बातचीत करते हुए पार्षद के बेटे से कहता है कि उन सभी की एमपी साहब के घर मीटिंग हो चुकी है और एक दिन पहले ही मीटिंग हुई है। वहां सबकुछ तय हो चुका है और उसके उधार लिए हुए रुपयों को इन पैसों में न काटा जाए। वह पार्षद पति कहता है कि वह हिसाब दूसरा है और यह हिसाब दूसरा है।
वह पहले उधार लिए रुपयों का हिसाब बाद में कर देगा, क्योंकि अभी उसे रुपये मिलेंगे तो उसे कई लोगों का उधार चुकता करना है। हालांकि इस ऑडियो में पार्षदों की खरीद फरोख्त की बात किसी भी जगह नहीं की जा रही है और न चेयरमैन की कुर्सी को लेकर बात की जा रही है। लेकिन यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह बातचीत चेयरमैन की कुर्सी को लेकर चल रही है। यह ऑडियो गन्नौर में पूरी तरह से वायरल हो चुकी है, लेकिन इसको लेकर किसी तरह का मामला अधिकारियों के पास तक नहीं पहुंचा है।
विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार कर रहे भाजपा नेता
जिस तरह से गन्नौर नगर पालिका के चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 12 पार्षद एकजुट हो चुके हैं, उससे यह तय माना जा रहा है कि चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ सकता है। लेकिन इसके पीछे भाजपा व कांग्रेस की सीधी जंग है, क्योंकि सतप्रकाश शर्मा कांग्रेस समर्थित रहे हैं। ऐसे में भाजपा ने वहां अपना चेयरमैन बनाकर विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की शुरूआत कर दी है। इसका बड़ा कारण यह है कि गन्नौर विधानसभा सीट अभी तक कांग्रेस के पास है और पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा वहां से विधायक हैं। इस तरह विधायक, चेयरमैन दोनों कुर्सी कांग्रेस के पास हैं, जिनमें से एक सीट भाजपा छीनने में लगी हुई है। भाजपा अपना चेयरमैन बनाकर शहर में अपनी सरकार बनाना चाहती है, जिससे विधानसभा चुनाव में इसका बड़ा फायदा मिल सके। अब यह देखना होगा कि भाजपा के एक नेता की यह योजना कहां तक सफल हो पाती है।
12 पार्षदों में अधिकतर से किसी का नहीं हो रहा संपर्क
जिन 12 पार्षदों ने सोमवार को डीसी से मिलकर चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र सौंपा है, उनमें से अधिकतर से किसी का संपर्क नहीं हो रहा है। इन पार्षदों ने डीसी को पत्र देकर यह भी अनुमति मांगी थी कि वह बाहर घूमने जाना चाहते है और उनको किसी तरह से इसको लेकर परेशान नहीं किया जाए। इस तरह माना जा रहा है कि इनमें से अधिकतर पार्षद बाहर घूमने चले गए हैं, लेकिन वह किसके साथ बाहर घूमने गए हैं, यह अभी साफ नहीं हो रहा है। वहीं यह भी अभी तक साफ नहीं हुआ है कि अगर चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आता है तो भाजपा अपनी ओर से किसको चेयरमैन के लिए सामने लाएगी।
मेरे पास नगर पालिका के पार्षद कई दिन पहले चेयरमैन के खिलाफ पत्र लेकर आए थे और मुझे उसी समय पूरा मामला बताया गया था। उसके बाद सोनीपत में जाकर डीसी कार्यालय में भी पत्र दिए गए हैं। लेकिन इससे पहले ही तबीयत खराब होने के कारण मैं छुट्टी पर आ गया था। इस बीच क्या हुआ, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। ऑडियो क्लिप के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है और मैं वीरवार को कार्यालय में जाऊंगा, उसके बाद ही पूरी स्थिति के बारे में पता लगेगा।
अजय मलिक, एसडीएम गन्नौर