स्वर्ण जयंती के अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से ऑनलाइन के माध्यम से सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली की शुरूआत की जा रही है। लेकिन आज भी जिले में 16 हजार परिवारों के राशन कार्ड, आधार से लिंक नहीं किए गए हैं। समय रहते इन कार्डों को आधार से नहीं जुड़ पाए तो पात्र परिवारों को राशन पाने से वंचित होना पड़ेगा।
विभाग की ओर से सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को ऑनलाइन शुरुआत एक नवंबर से की जा रही है। विभाग की ओर की ऑनलाइन प्रक्रिया को शुरू करने के लिए राशन कार्डों को आधार से जोड़ने का काम डेढ़ साल से चल रहा है। जिले में 90.8 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से जुड़ पाए हैं। जिले में बीपीएल, अंतोदय योजना व ओपीएच के एक लाख 78 हजार 568 राशन कार्ड बने हुए हैं। इसके तहत 8 लाख 14 हजार 552 लाभार्थी सरकारी राशन का लाभ उठा रहे हैं।
1 लाख 62 हजार 166 राशन कार्ड लिंक
ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रारंभ करने के लिए विभाग की ओर से 1 लाख 78 हजार 568 में से अब तक 1 लाख 62 हजार 166 राशन कार्ड आधार से लिंक किए गए हैं। इसके बाद अब भी 16 हजार 402 राशन कार्ड को लिंक करने का काम अधर में है।
पंचिंग करते ही पता चलेगा कितना मिला राशन
जिले में 441 डिपो होल्डर हैं, जिनको फेयर प्राइज शॉप का नाम दिया गया है। इन शॉप से उपभोक्ता जैसे ही पंचिंग कर राशन लेंगे। इसकी पूरी जानकारी एनआईसी के पास पहुंच जाएगी। उसमें पता लग जाएगा कि उपभोक्ता के खाते में राशन का कितना बैलेंस बचा हुआ है। उपभोक्ताओं को पूरा राशन मिल पाएगा और उसको जानकारी रहेगी कि उसका कितना राशन बचा हुआ है। डिपो होल्डर की मनमानी पर अंकुश लग पाएगा।
राशन वितरण में नहीं होगी गड़बड़ी
ऑनलाइन राशन वितरण से उपभोक्ताओं को फायदा होगा, क्योंकि ऐसा होने पर सरकार की ओर से जो राशन उपभोक्ताओं के लिए आएगा, वह पूरी मात्रा और समय पर उपभोक्ताओं को मिल सकेगा।
1-5 अक्टूबर तक दी जाएगी ट्रेनिंग
प्रदेश में एक नवंबर से राशन का वितरण ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा। इसलिए ऑनलाइन राशन वितरण के लिए विभाग के कर्मचारियों डिपो होल्डर्स का दक्ष होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को ट्रेनिंग का जिम्मा सौंपा गया है। ट्रेनिंग में मशीन के माध्यम से समझाया जाएगा कि किस तरह से उपभोक्ताओं को ऑनलाइन राशन वितरण करना है। ऑनलाइन राशन वितरण करते समय किन बातों को ध्यान रखना है। रिकार्ड और डाटा को किसी तरह से अपडेट किया जाना चाहिए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में एक से पांच अक्टूबर तक दिया जाएगा। 15 अक्टूबर तक विभाग के पास बायोमीट्रिक मशीनें पहुंच जाएंगी।
स्वर्ण जयंती के अवसर पर एक नवंबर से ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली शुरू की जा रही है। बायोमीट्रिक मशीनों के माध्यम से पात्र लाभार्थी को राशन वितरित किया जाएगा। इसके लिए राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले डिपो संचालक पर अंकुश पर लग पाएगा। अब तक विभाग की ओर से 16 हजार 402 राशन कार्ड को जोड़ने का काम बचा हुआ है। जल्द ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
-अशोक कुमार बंसल, डीएफएससी, सोनीपत