बहादुरगढ़। नगर परिषद के जिन विकास कार्यों के 29 टेंडरों में गोलमाल की शिकायत है उनमें से 16 टेंडर सोनीपत कृष्णा नामक एजेंसी को आवंटित किए गए हैं। आठ टेंडर जाहरवीर गोगा जी एजेंसी को भी आवंटित किए गए हैं। अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय जिला नगर आयुक्त(डीएमसी) द्वारा लिया गया है।
डीएमसी जगनिवास ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को पत्र लिखकर इस मामले में विभाग के तकनीकी उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित करने की सिफारिश की है ताकि मामले की गहराई से जांच हो सके।
शिकायतकर्ता गांव टांडाहेड़ी की हनुमान कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रधान कृष्ण कुमार का यहीं आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर इन फर्मों को लाभ पहुंचाया गया है। कई टेंडरों में माइनस रेट(एस्टीमेट से कम) देने वाली फर्मों की बोली को रद्द कर दिया गया जबकि अधिक दर देने वाली फर्मों को कार्य आवंटित कर दिया गया। इसी के चलते डीएमसी ने स्थानीय स्तर पर जांच करवाई थी।
जांच कमेटी ने भी जिला नगर आयुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी हैं। कमेटी के सामने टेंडर आवंटित करने वाले बहादुरगढ़ नगर परिषद के तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने आरोपों का निराधार बताते हुए शिकायत को खारिज करने की मांग की है।
वहीं जांच कमेटी में शामिल नगर परिषद के मौजूदा अधिशासी अभियंता ने बताया कि किसी भी टेंडर के तकनीकी मूल्यांकन में एजेंसी की ओर से दिए गए रेटों की जानकारी नहीं मिल सकती। ऐसा ही वित्तीय बिड खुलने के दौरान जिस एजेंसी की तकनीकी बिड रद कर दी जाती है उसके भी रेटों की जानकारी नहीं मिल सकती। ऐसे में जिला नगर आयुक्त इसकी गहराई से जांच कराना चाह रहे हैं तो वे विभाग के तकनीकी उच्चाधिकारियों की कमेटी गठित करवाने का निर्णय ले सकते हैं।
नगर परिषद ने लगाए थे हर वार्ड के 50-50 लाख के टेंडर
नगर परिषद की ओर से पिछले दिनों हर वार्ड में 50-50 लाख रुपये की लागत के विकास कार्य कराने का निर्णय लिया था। ऐसे में सभी 31 वार्डों में 30 से 50 लाख के तक की राशि के टेंडर लगाए गए थे। इसके अलावा दो से तीन करोड़ की राशि के गलियों व नालियों से संबंधित कुछ टेंडर और भी लगाए गए थे जिनके आवंटन में लापरवाही बरतने का आरोप है।
टेंडरों के मनमाने ढंग से आवंटन की शिकायत की जांच अब विभाग मुख्यालय के तकनीकी उच्चाधिकारियों से कराई जाएगी। इसके लिए विभाग से पत्राचार किया गया है।
जगनिवास, जिला नगर आयुक्त, झज्जर।