जिले की सीमा पर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को जिले से सटे नरेला के एक निजी अस्पताल में अवैध रूप से चलाई जा रही अल्ट्रासाउंड मशीन पकड़ी। टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया। साथ ही दिल्ली पुलिस को अस्पताल संचालक और लैब संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। टीम ने नरेला की एसडीएम एनके शर्मा और नरेला की पीएनडीटी टीम के देखरेख में कार्रवाई की।
पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. आदर्श शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग सोनीपत को दिल्ली के नरेला के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड से अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने की सूचना मिली। इस पर विभाग की ओर से डॉ. आदर्श शर्मा और डॉ. ऋचा की टीम बनाई गई। बुधवार सुबह नागरिक अस्पताल से यह टीम नरेला के लिए रवाना हुआ। इस दौरान पीएनडीटी टीम ने एक गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर उक्त अस्पताल में लिंग जांच कराने के लिए भेजा।
महिला को अस्पताल के साथ लगती लैबोरेटरी में भेज दिया गया। वहां उक्त महिला ने लिंग जांच कराने के लिए लैब संचालक से मुलाकात की। लिंग जांच कराने के लिए 15 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। सौदा तय होने के बाद महिला को संचालक वापस अस्पताल में ले जाया गया और अस्पताल संचालिका से मुलाकात की। महिला से उससे पहचान पत्र तथा अन्य कागजात लिए बिना मात्र पांच मिनट के अंदर अल्ट्रासाउंड से भ्रूण की लिंग जांच कर दी। उसके बाद महिला ने अस्पताल से बाहर आकर लैब संचालक को 15 हजार रुपये दे दिए और स्वास्थ्य विभाग की टीम को इशारा कर दिया।
वहीं, सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नरेला के एसडीएम एनके शर्मा व नरेला पीएनडीटी टीम को मौके पर बुलाया लिया था। टीम ने तुरंत लैब संचालक को काबू किया और अल्ट्रासाउंड के बारे में पूछताछ की तो इसे स्वीकार किया। टीम ने लैब संचालक से नकदी बरामद कर ली। इसके बाद टीम अस्पताल में पहुंची और अस्पताल संचालक से पूछताछ की। अस्पताल संचालक के पास अल्ट्रासाउंड करने संबंधी लाइसेंस नहीं मिला और न ही मशीन का कोई रिकार्ड था। इस पर टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन और अल्ट्रासाउंड के रूम को सील कर दिया। साथ ही अस्पताल संचालक और लैब संचालक के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नरेला के एक अस्पताल में अवैध रूप से हो रहे भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिली थी। इस पर विभाग की टीम गठित कर नरेला प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की गई। अस्पताल में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और न ही डॉक्टर के पास लाइसेंस था। टीम की ओर से कागजी कार्रवाई कर आगामी कार्रवाई के लिए नरेला प्रशासन को निर्देश दिए हैं।
डॉ. आदर्श शर्मा, पीएनडीटी इंचार्ज