शहर में दूषित पेयजल की सप्लाई की शिकायत मिलने पर एसडीएम निर्मल नागर ने शनिवार को बादशाही रोड स्थित जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जलघर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई, जहां जलघर के कंट्रोल रूम में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके अलावा पानी को साफ करने वाली कई मशीनें बंद पाई र्गइं। इसे एसडीएम ने उक्त कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
जलघर का दौरा करते हुए एसडीएम को हैरानी की बात तब लगी जब जलघर का प्रवेश द्वार अंदर से बंद पाया गया और उसे खोलने वाला कोई नहीं मिला। लगभग 15 मिनट तक जलघर का दरवाजा न खुलने पर एसडीएम के ड्राइवर ने किसी तरह गेट फांदकर कर अंदर से जलघर के दरवाजे को खोला। इसके बाद जब एसडीएम जलघर के कंट्रोल रूम के अंदर गए तो वहां भी जनस्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था और लगभग सारी मशीनें भी बंद थीं। निरीक्षण करने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जलघर में नियुक्त किए गए कच्चे कर्मचारी वहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे पीछे टैंक की सफाई कर रहे थे। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती जा रही इस तरह की गंभीर लापरवाही के चलते एसडीएम ने लापरवाह कर्मचारियों के साथ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए निर्देश जारी किए। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार हरिओम अत्री व नायब तहसीलदार देशराज कंबोज भी मौजूद रहे।
कंट्रोल रूम व लैब में नहीं था कोई कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान जलघर के कंट्रोल रूम में कोई कर्मचारी न होने के कारण वह बंद पड़ा था और पानी जांच के लिए बनाई गई लैबोरेट्री में भी कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। लैबोरेट्री में प्रयोग की जाने वाले यंत्रों पर भी मकड़ी के जाले लगे हुए थे। अधिकारियों व कर्मचारियों की इस लापरवाही से एसडीएम ने निराशा व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए।
एसडीओ को किया तलब
जलघर के निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पाया कि जलघर की कई मशीनें पूरी तरह से गंद से अटी पड़ी थीं। कई जगहों पर कई दिनों तक पानी खड़ा रहने के कारण काई तक जमी हुई थी। पानी से मिट्टी को अलग करने वाली मशीन पर जंग लगा था, जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह मशीन पिछले कई दिनों से नहीं चली। एसडीएम निर्मल नागर ने इस बारे कड़ा रुख अपनाते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को सोमवार को अपने कार्यालय में तलब किया है।
वर्ष 2014 में हुआ था जलघर का उद्घाटन
शहर के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्थानीय विधायक कुलदीप शर्मा ने 3 जनवरी 2014 को 9.08 एमएलडी की क्षमता वाले इस नहरी पानी आधारित जल शोधन संयंत्र का लोकार्पण किया था। इस जलघर में नहर के पानी को स्टोर कर उसे पूरी तरह से पीने के पानी में तबदील करने के लिए करोड़ो रुपयों की मशीने लगाई गई हैं, लेकिन मात्र तीन वर्षों में ही जलघर की हालत दयनीय हो चुकी है, जिसका कारण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही है।
कार्रवाई निश्चित
जलघर की अंदरूनी हालत को देखकर कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ प्रमोद कुमार को भी उन्होंने सोमवार को कार्यालय में तलब किया है।
डॉ. निर्मल नागर, एसडीएम गन्नौर