सीएम मनोहर लाल व खनन मंत्री मूलचंद शर्मा की सख्ती के बाद सरकार का रुपया दबाकर बैठने वाले बड़ौली की टेक्नो एक्सपोर्ट, संगम इंफ्रा, योद्धा माइंस, चैरीटीज रिअल के अलावा जैनपुर की श्याम जैना, मिमारपुर की मलिक बिल्डकोन कंपनी के ठेके रद्द किए हैं। इनके साथ ही चंदौली की लेरोन कंसलटेंट, ग्यासपुर की अल्टीमेट ग्रुप, टिकौला की आनंद एंड कंपनी का ठेका निलंबित कर दिया गया है। जिनका ठेका अभी निलंबित किया गया है, वह भी खनन नहीं कर सकते हैं। वह खनन करते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
300 करोड़ वसूलने की तैयारी
रेत खनन ठेका देते हुए कंपनियों से खनन विभाग में सिक्योरिटी जमा कराई जाती है। यह सिक्योरिटी किस्त के आधार पर होती है, जिसकी किस्त कम होती है उसको कम सिक्योरिटी जमा करनी पड़ती है। वहीं जिसकी सिक्योरिटी ज्यादा होती है, उसको ज्यादा सिक्योरिटी जमा करनी पड़ती है। ऐसे ही रेत खनन का ठेका लेने वाली कंपनियों ने 20 करोड़ रुपये से ज्यादा सिक्योरिटी जमा कराई हुई है।
इस समय कंपनियों पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है, जिसकी वसूली के लिए सबसे पहले ठेकेदारों की सिक्योरिटी जब्त की गई है। विभाग ने 15 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी जब्त कर ली है और कंपनियों से अन्य बकाया की वसूली के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सरकार का रुपया नहीं देने वाली रेत खनन ठेका कंपनियों से वसूली की जाएगी। जिसके लिए उनकी लगभग 15 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी फिलहाल जब्त कर ली गई है। इसके अलावा अन्य बकाया की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है और वहां से वसूली की कार्रवाई चल रही है। -माधवी गुप्ता, जिला खनन अधिकारी