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Sonipat News: 140 उद्योगों पर छाप डाला, 30 में मिलीं अनियमितताएं, भट्ठियां तोड़ने के साथ एक फैक्टरी सील

Sat, 22 Nov 2025 02:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :25: सोनीपत के मुरथल औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में पहुंची सीएक्यूएम व प्रशासन की टीम।
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खराब हो चुकी हवा और सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और सोनीपत प्रशासन ने ग्रैप-3 लागू होने के बाद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। शुक्रवार सुबह 7 बजे शुरू हुए विशेष अभियान में 19 टीमों ने 140 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की जांच की। 30 इकाइयों में खामियां पाई गईं। फिरोजपुर बांगर क्षेत्र में भट्ठियों को तोड़ने के साथ एक फैक्टरी सील कर दी गई।
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अभियान का नेतृत्व डीसी सुशील सारवान और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कादियान ने किया। सीएक्यूएम के अधिकारियों के साथ सोनीपत प्रशासन के ड्यूटी मजिस्ट्रेट भेजकर राई, कुंडली, नाथूपुर, बड़ी, मुरथल, खरखौदा में 19 टीम उतारी गईं। इनमें 55 से अधिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विशेषज्ञ और भारी पुलिस बल शामिल रहा।
जांच के दौरान कहीं चिमनियों से धुआं लीक होता मिला तो कहीं डीजल जेनरेटर चल रहा था। कहीं, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) पूरी तरह काम करते नहीं मिले। ईटीपी पर मानक प्रदर्शित करने का मीटर नहीं मिला। फिरोजपुर क्षेत्र में कई भट्ठियां धधकती मिलीं।
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फिरोजपुर बांगर स्थित एक औद्योगिक इकाई में एल्युमिनियम पिघलाया जा रहा था। फैक्टरी को तुरंत ही सील कर दिया गया। सात-आठ भट्ठियों को ध्वस्त किया गया। जहां खामियां मिली उन पर कार्रवाई जल्द की जाएगी।




राई विश्राम गृह बना कमांड सेंटर, डीसी ने दी ब्रीफिंग

सुबह प्रशासन की सभी टीमें राई विश्राम गृह में एकत्रित हुईं। वहां डीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि ग्रैप-3 के नियम लागू होंगे। किसी भी प्रदूषणकारी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा। विश्राम गृह को अस्थायी कंट्रोल रूम की तरह संचालित किया गया। यहां से लाइव जीपीएस ट्रैकिंग, वीडियो कॉल और रियल टाइम रिपोर्टिंग के माध्यम से कार्रवाई मॉनीटर होती रही।


कई गंभीर खामियां उजागर, सीएक्यूएम करेगा कार्रवाई

टीमों ने निरीक्षण के दौरान जिन अनियमितताओं को चिह्नित किया है उनमें कुछ प्रदूषण नियंत्रण उपकरण सही तरीके से काम करते नहीं मिले। कहीं, गैर स्वच्छ ईंधन का उपयोग मिला तो कहीं, धुआं उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन। ठोस कचरे का गलत तरीके से निस्तारण जैसी खामियां मिलीं। टीम रिपोर्ट तैयार कर सीएक्यूएम को भेजेगी। जिन इकाइयों में भारी अनियमितता मिली है उनके खिलाफ सीलिंग, बिजली काटने, भारी जुर्माना और संचालन पर प्रतिबंध की सिफारिश की जाएगी।
एक्यूआई लगातार बेहद खराब श्रेणी में

जिले का एक्यूआई 12 दिन से बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। वहीं, दिल्ली में तो यह गंभीर श्रेणी में जा चुका है। इसी के चलते एनसीआर में ग्रैप-3 लागू है। इसमें सभी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां बंद हैं। बीएस-3 पेट्रोल व बीएस-4 डीजल वाहनों की एंट्री और संचालन प्रतिबंधित है। गैर स्वच्छ ईंधन वाले उद्योग बंद हैं। डीजल जेनरेटर सेट पर पूर्ण प्रतिबंध है। सड़कों पर मशीनी झाड़ू और जल छिड़काव अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान इन बिंदुओं पर हुई जांच

प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों स्क्रबर व फिल्टर की कार्यप्रणाली देखी गई। ईंधन के प्रकार पीएनजी व सीएनजी के उपयोग की जानकारी जुटाई गई। उत्सर्जन मानकों के पालन का निरीक्षण किया गया। धूल नियंत्रण व्यवस्था देखी गई। अपशिष्ट व कचरा प्रबंधन देखा गया। कोयले व फर्नेस ऑयल का अवैध उपयोग जांचा गया। रिकॉर्ड और एमपीसीबी अनुमतियों की जांच की गई। कई जगह उपकरण बंद मिले। श्रमिकों की तरफ से केवल दिखावे के लिए अस्थायी धूल नियंत्रण किया जा रहा था। इन्हें उल्लंघन की श्रेणी में डालकर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
टीमों के साथ पुलिस बल भी तैनात रहा

उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि गैप-3 में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। जिन उद्योगों में प्रदूषण फैलाने के कारक मिलेंगे उन पर कार्रवाई होगी। हमारा लक्ष्य तात्कालिक राहत नहीं बल्कि दीर्घकालिक स्वच्छ हवा है। वहीं, डीसीपी नरेंद्र कादियान ने कहा कि किसी भी प्रकार का विरोध या बाधा न हो इसलिए पुलिस बल हर स्थान पर टीमों के साथ तैनात रहा।

फोटो :25: सोनीपत के मुरथल औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में पहुंची सीएक्यूएम व प्रशासन की टीम।

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