जनता दरबार में सीएम के तेवर तल्ख, गबन में सरपंच और ग्राम सचिव सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को हैबीटेट क्लब में जनता दरबार लगाया, जहां समस्याओं का अंबार देख सीएम के तेवर तल्ख हो गए। दरबार में 244 रजिस्टर्ड शिकायतें रखी र्गइं, तो इतनी ही शिकायतें मौके पर सीएम के सामने रखा गया। सीएम ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक सरपंच और एक ग्राम सचिव को तुरंत सस्पेंड करने के आदेश दिए। वहीं शंभूदयाल शिक्षण संस्था के शिक्षकों को 20 महीनों से वेतन न मिलने पर वहां प्रशासक नियुक्त करने के आदेश दिए गए। सीएम ने पेंशन संबंधी अधिक समस्याओं को देखते हुए हर ब्लॉक पर एक अधिकारी नियुक्त करने के आदेश दिए। वहीं सीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जाए और उनको चक्कर न कटाए जाए।
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार सुबह हैबीटेट क्लब में जनता दरबार लगाया। उसके लिए लोगों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना था, और वहां 244 लोगों ने अपनी समस्या रखने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। सीएम ने उन सभी की समस्याओं को सुनने के लिए अधिकारियों को उनके निस्तारण के आदेश दिए तो सीएम ने कई मामलों में तुरंत कार्रवाई कर दी। किलोहड़द के हरिचंद ने सीएम को बताया कि गांव के विकास कार्यों में सरपंच की ओर से धांधली की गई है, और पहले एसडीएम की जांच रिपोर्ट में यह साफ हो चुका है कि वहां गबन हुआ है। इसके बावजूद छह महीने से मामले को लटकाया हुआ है, इसमें कार्रवाई नहीं हो रही। इसपर सीएम के तेवर तल्ख हो गए और भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई न करने पर अफसरों की क्लास लगाई गई। सीएम ने सरपंच अजित कौर को तुरंत सस्पेंड करने के आदेश दिए, जिसपर डीसी ने कार्रवाई की। शामड़ी के कलीराम ने आरोप लगाया कि गांव में विकास कार्यों में लाखों रुपये का गबन किया गया है, जिसके लिए ग्राम सचिव जिम्मेदार है। जिस पर सीएम ने ग्राम सचिव को सस्पेंड करने के आदेश दिए। सीएम के इस तरह के तेवर देखकर जनता दरबार में अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। वहां भावड़ गांव के संजय ने सीएम को बताया कि वह अपनी दिव्यांग पत्नी की पेंशन बनवाने के लिए भटक रहा है, लेकिन उसकी पत्नी की पेंशन नहीं बनाई जा रही है। जबकि उसके गांव में 96 लोगों को दिव्यांग पेंशन मिल रही है, जिनमें से 6 की मौत हो चुकी है और दिव्यांग प्रमाण पत्र विभाग में केवल 40 लोग ही दिखा सके। बाकी लोगों ने प्रमाण पत्र नहीं दिखाए, जिससे साफ है कि गलत तरीके से पेंशन जारी हो रही है। इसपर सीएम ने डीसी को जांच कराने के आदेश दिए।
शंभूदयाल एजूकेशन सोसायटी के शिक्षकों ने 20 माह से वेतन नहीं मिलने की बात कही तो सीएम ने वहां तुरंत प्रशासक नियुक्त करके समस्या का समाधान करने के आदेश कर दिए। वहीं कुख्यात रविंद्र पुगथला की जगह उसी गांव के दूसरे रविंद्र को एनकाउंटर में मारने पर सीएम ने उसकी पत्नी को आउटसोर्स पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। सेक्टर 14-15 के लोगों ने समस्या रखी कि भारी वाहन सेक्टरों के बीच से गुजरते हैं, जिससे वहां दुर्घटनाएं होती है। इसपर सीएम ने निर्देश दिए कि मुरथल की ओर से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश बंद किया जाए, ताकि यह सेक्टरों के बीच से न गुजर सकें। इसके साथ ही हुडा सेक्टरों के कई लोगों ने इन्हांसमेंट को लेकर अपनी समस्या रखी। इस पर सीएम ने कहा कि इन्हांसमेंट की रकम देनी होगी, लेकिन उसका ब्याज कम करने के लिए सरकार विचार कर रही है। इनके अलावा अधिकतर समस्याएं बिजली, पेयजल और पानी की निकासी को लेकर आई, जिनका निस्तारण करने का आदेश सीएम ने अधिकारियों को दिया।