सीएम ने पांच माह पहले की विश्राम गृह बनाने की घोषणा, बड़ौता पंचायत का जमीन देने से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। सीएम मनोहर लाल ने पांच माह पहले बड़ौता की जिस जमीन पर विश्राम गृह बनाने के लिए घोषणा की थी, उस जमीन को बड़ौता की पंचायत ने देने से इंकार कर दिया है। जमीन देने के लिए पंचायत के मना करने पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों ने जमीन के लिए शहर के आसपास के दूसरे गांव से संपर्क करना शुरू कर दिया है, लेकिन इसको लेकर बात सिरे नहीं चढ़ रही है।
सीएम मनोहर लाल ने पिछले वर्ष अगस्त में रैली के दौरान गांव बड़ौता में विश्राम गृह बनाने की घोषणा की थी। क्योंकि यह गांव रोहतक-पानीपत हाईवे पर गोहाना शहर के बाईपास के साथ है। घोषणा के बाद अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क किया तो पंचायत ने जमीन देने से इंकार कर दिया। वहीं शहर में नगर परिषद के पास भी इतनी जगह नहीं है, जिसमें रेस्ट हाउस बनाया जा सके। अब अधिकारी लगातार आसपास के गांव में जमीन की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सिरे नहीं चढ़ रही है। इस कारण अधिकारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
अब बीच में पड़ता है विश्राम गृह
इस समय विश्राम गृह गोहाना-सोनीपत मार्ग पर नई सब्जी मंडी के सामने बना हुआ है। विश्राम गृह शहर के बीच में होने के कारण सीएम, मंत्री के आने पर लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा वीआईपी को वहां तक लेकर जाने में भीड़भाड़ से होकर गुजरना पड़ता है और उसमें भी परेशानी होती है।
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पंचायत की ओर से पहले ही सरकार को करीब 18 एकड़ जमीन दी जा चुकी है। अगर अब जमीन दी गई तो पंचायत की आमदनी कम हो जाएगी। कुछ जगह खाली है जो गोचरान के लिए है। विश्राम गृह बनाने से ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं, वह जमीन नहीं देंगे। रामानंद, सरपंच गांव बड़ौता
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सीएम घोषणा के बाद बड़ौता गांव की पंचायत से लगातार संपर्क किया गया। कुछ गांव के लोगों के साथ नेताओं का सहारा लिया गया। लेकिन पंचायत ने जमीन देने से इंकार कर दिया। अन्य गांव में संपर्क किया गया, लेकिन वहां जगह नहीं थी। विश्राम गृह के लिए जमीन तलाश की जा रही है। सुमित कुमार, एसडीओ पीडब्ल्यूडी