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औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉटों की पहले ऑनलाइन नीलामी कराई, अब मैन्युअल कराने पर उद्यमियों का हंगामा

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औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉटों की पहले ऑनलाइन नीलामी, अब मैन्युअल कराने पर उद्यमियों का हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
कुंडली/सोनीपत। कुंडली व राई औद्योगिक क्षेत्र में 84 प्लाटों की एचएसआईआईडीसी ने पहले ऑनलाइन बोली कराकर नीलामी करा दी। लेकिन अब ऑनलाइन नीलामी में तकनीकी खामी बताकर मैन्युअल नीलामी कर दी गई। इसको लेकर ही कुंडली एचएसआईआईडीसी के सभागार में उद्यमियों ने जमकर हंगामा किया। वहां नीलामी कराने को पंचकूला से पहुंचे अधिकारियों के सामने दो घंटे तक हंगामा होता रहा और वहां पुलिस को बुलाने के बाद ही नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकी। वहां प्लॉटों की नीलामी की गई, जिसकी अग्रिम प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
कुंडली व राई औद्योगिक क्षेत्रों में 84 प्लॉटों के लिए सितंबर माह में ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसके लिए आवेदन करके उद्यमियों ने ऑनलाइन बोली लगाई और उन प्लॉटों की नीलामी हो गई। जिसमें अधिकारियों ने अब तकनीकी खामी होने की बात कहते हुए नीलामी को रद्द कर दिया और पंचकूला से मंगलवार को अधिकारी उन प्लॉटों की मैन्युअल नीलामी कराने के लिए कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के सभागार में पहुंच गए। जहां आवेदकों ने पहुंचकर अपना पंजीकरण करवाया और उनको विभाग की ओर से टोकन दिया गया। जहां नीलामी प्रक्रिया शुरू होते ही उद्यमियों ने हंगामा कर दिया, क्योंकि ऑनलाइन नीलामी के दौरान जहां प्लॉट की आखिरी बोली खत्म हुई थी। उससे ऊपर बोली शुरू करने के लिए कहा गया, जिसपर उद्यमी भड़क गए। उनका कहना था कि जब ऑनलाइन नीलामी को रद्द कर दिया गया है तो दोबारा उसी दाम से बोली शुरू होनी चाहिए, जहां से ऑनलाइन के लिए बोली शुरू हुई थी। इसपर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके, जिससे हंगामा बढ़ता चला गया। इसके बाद वहां पुलिस को बुलाया गया और उसके बाद ही बोली शुरू हो सकी।
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यह रहा सबसे बड़ा फर्क
ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में एक प्लॉट की कीमत 34700 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय हो गई थी। लेकिन उस प्लॉट के लिए मैन्युअल बोली 34700 रुपये से आगे शुरू कराई गई और उसकी नीलामी 45700 रुपये तक पहुंचकर हो सकी। इस तरह ही उद्यमियों को ऑनलाइन व मैन्युअल नीलामी में भारी नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि इस मामले में हाईकोर्ट में केस होने की बात कही गई है और वहां से बोली रद्द करने का फैसला आता है तो इसे रद्द करना पड़ सकता है।
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प्लॉटों की नीलामी जब ऑनलाइन हो चुकी है तो उसे मैन्युअल कराने का कोई औचित्य नहीं था। इसके बाद भी अगर मैन्युअल कराना था तो प्लॉटों की बोली उस दाम से शुरू कराई जानी चाहिए थी, जहां से ऑनलाइन के लिए शुरू कराई गई थी। यह पूरी तरह से गलत है और एचएसआईआईडीसी के अधिकारी पूरी तरह से मनमानी पर उतरे हुए है।
-सुभाष गुप्ता, अध्यक्ष कुंडली इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
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