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एक साथ पढ़ सकेंगे दो कोर्स के सब्जेक्ट, सेमेस्टर के बाद यूनिवर्सिटी भी बदल सकेंगे

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एक साथ पढ़ सकेंगे दो कोर्स के सब्जेक्ट, सेमेस्टर के बाद यूनिवर्सिटी भी बदल सकेंगे
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अंकित चौहान
सोनीपत। प्रदेश में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। विद्यार्थी अब एक कोर्स में पढ़ाई करते हुए दूसरे कोर्स का सब्जेक्ट भी पढ़ सकेंगे। क्योंकि प्रदेश की यूनिवर्सिटियों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से पढ़ाई कराई जाएगी। जिसके लिए दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल ने सबसे पहले शुरूआत कर दी है और यहां नए शैक्षणिक सत्र से यह सिस्टम लागू हो जाएगा। इससे केवल एक कोर्स के साथ दूसरे कोर्स का सब्जेक्ट ही नहीं पढ़ा जाएगा, बल्कि किसी भी सेमेस्टर के बाद यूनिवर्सिटी भी बदली जा सकेगी। इसका विद्यार्थियों को काफी फायदा मिलेगा और उनको किसी भी सब्जेक्ट को पढ़ने के लिए दोबारा समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।
इस तरह होगा सिस्टम
यूनिवर्सिटी में अभी तक इंजीनियरिंग में सभी सब्जेक्ट पहले से तय हैं और इंजीनियरिंग के किसी भी कोर्स के लिए वह तय सब्जेक्ट ही पढ़ने पड़ते हैं। अगर किसी विद्यार्थी को इंजीनियरिंग के किसी दूसरे कोर्स का सब्जेक्ट पढ़ना होगा तो उसे दोबारा पढ़ाई करके उस कोर्स के सभी सब्जेक्ट पढ़ने होंगे। लेकिन च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू होने पर सब्जेक्ट चुनने की आजादी होगी। उदाहरण के तौर पर कोई भी विद्यार्थी मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहा है तो वह उसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के आईसी या सर्किट सब्जेक्ट ले सकता है। इस तरह ही इंजीनियरिंग के अन्य कोर्स में होगा और एक कोर्स करते हुए दूसरे के सब्जेक्ट पढ़े जा सकेंगे। वहीं अभी तक सेमेस्टर के बाद यूनिवर्सिटी नहीं बदली जा सकती है जो इस च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के बाद कर सकेंगे। विद्यार्थी किसी भी क्लास में एक सेमेस्टर पूरा करके दूसरी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करना चाहता है तो वह बदल सकता है।
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विद्यार्थियों का समय बचेगा, रोजगार में बड़ा फायदा
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू होने के बाद कोई विद्यार्थी एक कोर्स की पढ़ाई करते हुए दूसरे कोर्स का सब्जेक्ट भी पढ़ना चाहता है तो उसको थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। लेकिन इसका उसे बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि जिस सब्जेक्ट को वह पढ़ना चाहता है। उसके लिए वह पूरा कोर्स करने के लिए पढ़ाई करता तो उसका 2-3 साल ज्यादा समय लगता। इसलिए ही विद्यार्थियों का यह पूरा समय बच जाएगा और वह एक साथ अपने मनचाहे सब्जेक्ट भी पढ़ सकेंगे। इसके अलावा इससे विद्यार्थियों को रोजगार में बड़ा फायदा होगा। क्योंकि इस समय रोजगार में विशेषज्ञों की काफी मांग है और जिसकी रोजगार में ज्यादा मांग होगी। विद्यार्थी उन दो सब्जेक्ट को एक साथ पढ़कर आसानी से रोजगार पा सकते हैं।
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मुरथल यूनिवर्सिटी ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू कर दिया है, जिसके तहत नए शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई कराई जाएगी। इस सिस्टम से एक कोर्स करते हुए दूसरे कोर्स का सब्जेक्ट चुनकर पढ़ाई करने की आजादी होगी। नए शैक्षणिक सत्र के लिए एडमिशन शुरू होने से पहले पूरा खाका तैयार कर लिया गया है, जिससे इसके तहत ही एडमिशन हो सके। यह सिस्टम सभी यूनिवर्सिटियों को लागू करना है और मुरथल यूनिवर्सिटी से इसे सबसे पहले लागू कर दिया।
-प्रो. राजेंद्र अनायत, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी
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