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साढ़े तीन साल पहले कंडम हुई बिल्डिंग, बजट अब तक नहीं मिला

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सोनीपत। मलिकपुर गांव के राजकीय स्कूल की बिल्डिंग बने हुए चार दशक से ज्यादा समय हो चुका है तो बिल्डिंग को साढ़े तीन साल पहले कंडम घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद सरकार की अनदेखी के चलते कंडम बिल्डिंग में कक्षाएं भी लगाई जा रही है, क्योंकि स्कूल की बिल्डिंग को बनवाया नहीं जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने वहां पांच कमरों का निर्माण करने के लिए 94 लाख का एस्टीमेट भी सरकार को भेजा हुआ है।
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मलिकपुर गांव के राजकीय स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण 1975 के दौरान हुआ था। उस समय यहां आने वाले बच्चों के लिए 18 कमरों का निर्माण किया गया। मार्च 2014 में स्कूल की बिल्डिंग को लोक निर्माण विभाग द्वारा कंडम घोषित किया गया। नई बिल्डिंग बनवाने के लिए सरकार की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि बच्चों को कंडम बिल्डिंग में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
कमरों को रिपेयर करके चलाया जा रहा काम
स्कूल के कई कमरे पूरी तरह से खराब हो चुके है। जिन कमरों की छतें अभी ठीक हालत है। उन कमरों को रिपेयर करवाकर बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही है। कई कक्षाओं को बरामदे और खुले में लगाया जा रहा है। बारिश के दिनों में समस्या गंभीर हो जाती है। ठीक हालत वाली छतें भी टपकने लगती है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
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बिल्डिंग बनाने को तीन बार हो चुका इंस्पेक्शन
पीडब्ल्यूडी की तरफ से मार्च 2014 में बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया गया था। उसके बाद इसके निर्माण के लिए तीन बार स्कूल में इंस्पेक्शन हो चुका है। एक बार चंडीगढ़ से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दौरा किया था। दो बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारी दौरा कर चुके है। सरकार की तरफ से बिल्डिंग के निर्माण को अभी तक बजट जारी नहीं किया गया है।

पुरानी बिल्डिंग को कंडम हुए साढ़े तीन साल होने को है। नई बिल्डिंग बनाने के लिए तीन बार इंस्पेक्शन हो चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई बजट जारी नहीं किया गया है।
देवेंद्र मलिक, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मलिकपुर

सरकारी स्कूल के कमरों के निर्माण को विभाग ने 94 लाख का एस्टीमेट शासन को भेज दिया गया है। सरकार की ओर से बजट मंजूर होने के बाद टेंडर लगाकर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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सुशील कुमार, एएसडीओ पीडब्ल्यूडी
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