कुंडली। सीआईए-2 स्टाफ पुलिस ने नाहरा के पास डबल नहर से पुल से एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने 11 साल पहले की हत्या के राज से पर्दा उठाया। आरोपी की पहचान गांव नाहरा निवासी सुनील उर्फ सोनू उर्फ सेंटर के रूप में हुई। आरोपी ने बताया कि जमीन के विवाद में उसने 2009 में अपने ताऊ के लड़के एवं इनामी बदमाश राकेश की हत्या की थी। इसके बाद उसके शव को नहर में फेंक दिया। बारोटा चौकी प्रभारी के बयान पर पुलिस ने हत्या, शव को खुर्द-बुर्द करने का मुकदमा दर्ज किया है। अदालत के आदेश पर आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-2 में नियुक्त एएसआई हरिओम की टीम वीरवार देर रात को बहादुरगढ़ हाईवे के पुल पर नाहरा के पास गश्त पर थी। इसी दौरान एक युवक के पास हथियार होने की सूचना मिली। पुलिस ने बवाना की तरफ से आए एक युवक की तलाशी ली तो उसके पास देसी पिस्तौल और दो कारतूस बरामद हुए। आरोपी ने अपनी पहचान सुनील उर्फ सोनू उर्फ सेंटर के रूप में दी। इस दौरान जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने 11 साल पहले की हत्या की वारदात कुबूली।
पिता पर जानलेवा हमला करने का बदला लेने को की हत्या
आरोपी ने पुलिस को बताया कि जमीन के विवाद में इनामी बदमाश राकेश ने उसके पिता जिले सिंह पर 14 फरवरी, 2009 को गोली चला दी थी। लेकिन जेब में सिक्का होने से उनकी जान बच गई। इसके बाद राकेश पर उन्होंने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। वह उसका बदला लेने की फिराक में था। आरोपी ने बताया कि उसके पिता पर हमले के 15-20 दिन बाद राकेश का नाबालिग भाई मुकेश उससे मिला था। उसने कहा था कि राकेश उससे मिलकर समझौते की बात करना चाहता है। जिस पर उसने मुकेश को कहा था कि राकेश को नहर की पटरी पर ले आना। मुकेश उसे लेकर आया तो उसने राकेश को गोली मार दी थी। बाद में उसकी बेल्ट से गला दबा कर हत्या कर दी और शव नहर में फेंक दिया।
चश्मदीद राकेश के भाई को डराए रखा, दो साल बाद हो गई मौत
सुनील ने बताया कि राकेश की हत्या के समय उसका नाबालिग भाई मुकेश मौके पर था। जब उसने विरोध किया तो उसने उसे डरा दिया था कि वह खुद अपने भाई को बुलाकर लाया है। ऐसे में वह उसे भी राकेश की हत्या में फंसवा देगा। साथ ही उसने पहले मंडोरा में शिक्षक की वर्ष 2006 में हत्या की थी। उसमें भी उसका नाम ले देगा। इसके बाद मुकेश ने यह बात किसी से नहीं कही। वर्ष 2011 में मुकेश की सड़क हादसे में मौत हो गई। जिससे राकेश की हत्या का राज 11 साल तक छिपा रहा। दो हत्याओं का आरोपी फिलहाल सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था।
आरोपी को अवैध हथियार सहित काबू किया तो उसने पूछताछ में 11 साल पहले अपने ताऊ के बेटे की हत्या करना कुबूल किया है। साथ ही उसने मंडोरी गांव में वर्ष 2006 में एक शिक्षक की हत्या की बात स्वीकारी है। उसे कुंडली पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
- हरिओम सिंह, जांच अधिकारी, सीआईए-2 सोनीपत।