फोटो - नागरिक अस्पताल, गोहाना। संवाद
गोहाना। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग एचपीवी टीकाकरण अभियान को फिर गति देगा। अभियान के तहत पहले चरण में वैक्सीन लगवा चुकी 108 किशोरियों को जागरूकता अभियान में शामिल किया जाएगा। ये किशोरियां स्कूलों में अन्य छात्राओं के साथ अपने अनुभव साझा कर एचपीवी वैक्सीन के फायदे बताएंगी। अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 14 टीमें गठित की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जानी है। पहले चरण में उपमंडल में केवल 108 किशोरियों का टीकाकरण हो सका। कई अभिभावकों की सहमति नहीं मिलने से अभियान की गति धीमी पड़ गई।
अब विभाग ने अभियान को प्रभावी तरीके से चलाने की योजना तैयार की है। संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों को माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। टीका लगवा चुकी किशोरियों के अनुभव साझा कराने से छात्राओं और अभिभावकों में वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां दूर करने में मदद मिलेगी।
जागरूकता के लिए 14 टीमें गठित
प्रत्येक टीम में महिला चिकित्सक और एएनएम को शामिल किया गया है। टीमें स्कूलों में किशोरियों और अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, टीकाकरण के लाभ और इससे जुड़े सवालों की जानकारी देंगी। जागरूकता के बाद अभिभावकों की सहमति से पात्र किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क वैक्सीन
14 वर्षीय बालिकाओं के लिए एचपीवी वैक्सीन सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क उपलब्ध है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों तक भी टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना है। अधिकारियों ने अभिभावकों से चिकित्सकों से पूरी जानकारी लेने के बाद बेटियों का टीकाकरण कराने की अपील की है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव में अहम
एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। किशोरावस्था में एचपीवी टीकाकरण भविष्य में इस गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही स्कूलों में जागरूकता एवं टीकाकरण गतिविधियां तेज करेगा।
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एचपीवी वैक्सीन को लेकर किशोरियों और अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पहले टीका लगवा चुकी 108 किशोरियों को भी जागरूकता अभियान में शामिल किया जाएगा। ताकि वह अन्य छात्राओं को अपने अनुभव और वैक्सीन के लाभों के बारे में बता सकें।
डॉ. दिनेश छिल्लर, एसएमओ, नागरिक अस्पताल गोहाना