सरकार ने ढाई साल बाद कुलदीप को माना साक्षी का कोच, चुनावी साल में मिला 10 लाख इनाम
रविंद्र कौशिक
सोनीपत। रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलाने वाली पहलवान साक्षी मलिक को सरकार ने भले ही ढाई साल पहले सम्मान दे दिया हो। लेकिन साक्षी के कोच कुलदीप मलिक को ढाई साल तक सम्मान का इंतजार करना पड़ा। सरकार ने अब चुनावी साल में कुलदीप को साक्षी का कोच मानकर दस लाख रुपये का इनाम दिया है। जबकि कुलदीप मलिक को सरकार ने रियो ओलंपिक से अगस्त 2016 में आते ही डमी चेक थमा दिया था, लेकिन इनाम के दस लाख रुपये नहीं दिए गए थे। यह दस लाख रुपये अब कुलदीप मलिक को दिए गए हैं।
साक्षी मलिक के रियो ओलंपिक में मेडल जीतकर वापस लौटने पर बहादुरगढ़ में सम्मान समारोह रखा गया था। जहां खुद सीएम मनोहर लाल के अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्री शामिल हुए थे। वहां सीएम ने अपने हाथों से साक्षी को ढाई करोड़ रुपये का डमी चेक सौंपा था तो उसके कोच कुलदीप मलिक को भी दस लाख रुपये का डमी चेक दिया गया था। कुलदीप मलिक ओलंपिक में साक्षी के नेशनल कोच रहे थे तो नेशनल कैंप के अंदर भी कुलदीप ही साक्षी को कुश्ती के गुर सिखाते हैं। उसके तुरंत बाद ही सरकार ने साक्षी के खाते में ढाई करोड़ रुपये डाल दिए थे, लेकिन कोच कुलदीप मलिक को फूटी कौड़ी तक नहीं दी गई थी। जबकि ओलंपिक में साक्षी का कोच होने के कारण केंद्र सरकार, रेलवे व महाराष्ट्र सरकार की ओर से नकद इनामी राशि देकर कुलदीप मलिक का सम्मान किया जा चुका था। जबकि प्रदेश सरकार ने एक बार यह कहते हुए इनाम देने से इंकार कर दिया था कि साक्षी मलिक का कोच होने का चार लोगों ने दावा किया है। इसलिए इनामी राशि किसी को नहीं दी जा सकती है। जिसके बाद साक्षी को खुद ही आगे आकर कुलदीप मलिक को अपना कोच बताना पड़ा था। उसके बावजूद कुलदीप मलिक को इनामी राशि नहीं दी गई और उनको सीएम विंडो तक गुहार लगानी पड़ी थी। जिसके बाद ही कुलदीप को इनाम मिलने की उम्मीद जगी थी और उनको इनाम देने की प्रक्रिया दोबारा से शुरू की गई थी। जिसपर सीएम मनोहर लाल ने कुछ दिन पहले ही मुहर लगाई थी और अब ढाई साल बाद साक्षी के कोच कुलदीप मलिक को इनाम के दस लाख रुपये दिए गए हैं।
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ओलंपिक में साक्षी के मेडल जीतकर आने पर सरकार की ओर से कार्यक्रम रखा गया था, जहां सरकार ने दस लाख रुपये का इनाम देने की बात कही थी और उस समय डमी चेक भी दिया गया था। लेकिन उसके बाद से मामला फाइलों में दबा पड़ा था और इसके लिए सीएम विंडो पर भी शिकायत लगानी पड़ी थी। अब जाकर ओलंपिक में मेडल दिलाने का इनाम दिया गया है।
-कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती