अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
खरखौदा क्षेत्र अवैध शराब के कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। इस पर भी इस धंधे में पुलिस की मिलीभगत भी उजागर हुई है। इसका पटाक्षेप तब हुआ जब यहां पर सीएम फ्लाइंग की तरफ से छापामार कार्रवाई में किए खुलासे के बावजूद थाना खरखौदा पुलिस ने मामले की लीपापोती कर फाइल को बंद कर दिया। बाद में जब मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई कर फिर से फाइल को खोलने के आदेश दिए। साथ ही मामले की जांच एसआईटी खरखौदा को सौंप दी है। अब इस मामले में शराब के अवैध कारोबार से जुड़े कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। विदित रहे कि 28 सितंबर, 2016 को सीएम फ्लाइंग दस्ते के डीएसपी अजीत सिंह को झरोठ के एक प्लाट में शराब के अवैध कारोबार की जानकारी मिली थी। नायब तहसीलदार छोटूराम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। जिसके बाद टीम ने झरोठ में प्लाट पर छापा मारा। प्लाट में कई वाहन खड़े थे जिनमें से शराब भी बरामद की गई। वहीं एक जर्जर फोर-व्हीलर भी मिला, जिस पर अस्थायी नंबर लिखा था। एक्साइज इंस्पेक्टर पवन कुमार ने मौके पर मौजूद ठेकेदार प्रमोद व विनोद से शराब रखने का लाइसेंस व स्टॉक रजिस्टर मांगा तो कुछ नहीं मिला था। टीम ने पूरे माल को जब्त कर लिया था। सीएम फ्लाइंग ने थाना खरखौदा पुलिस में उस समय यह मामला दर्ज करवाया था।
शिकायत मिली थी कि अवैध शराब कारोबार मामले में थाना खरखौदा पुलिस ने लीपापोती कर फाइल को बंद कर दिया गया है। फाइल को दोबारा खुलवा कर जांच एसआईटी को सौंपी गई है। पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा।
अश्विन शेणवी, एसपी।
अवैध शराब कारोबार मामले की दोबारा होगी जांच
बंद हो चुकी फाइल को दोबारा खुलवाया, एसआईटी को सौंपी जांच
सीएम फ्लाइंग ने छापा मारकर किया था अवैध कारोबार का भंडाफोड़