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100 ने दबाया 1 करोड़ हाउस टैक्स

Thu, 11 Dec 2014 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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गृहकर की करीब एक करोड़ रुपये की राशि पर डिफाल्टर कुंडली मारे बैठे हैं। इनकी संख्या 100 के करीब है। नगर परिषद वसूली के लिए सारे हथकंडे अपना चुकी है लेकिन डिफाल्टर बाज नहीं आ रहे हैं।
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नप ने अब इन लोगों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में हाउस टैक्स जमा कराने की हिदायत दी है। इसके बाद भी न चेते तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नगर परिषद की आमदनी सबसे बड़ा जरिया हाउस टैक्स है। नप ने चालू वित्त वर्ष में करीब 3.50 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य गृहकर से रखा था।

अब तक नगर परिषद एक करोड़ रुपये के करीब हाउस टैक्स के तौर पर जुटा चुकी है। 1.50 करोड़ रुपये की वसूली काम चल रहा है। इसमें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने वाली है।

नप की परेशानी उन 100 बडे़ डिफाल्टरों ने बढ़ा दी है जिन पर करीब एक करोड़ से ज्यादा बकाया है। अब नप इनसे कानूनी भाषा में निपटने की तैयारी कर रहा है।

इन डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिसों में हाउस टैक्स की अदायगी का समय एक सप्ताह दिया गया है। इसके बाद नप उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें नप ने प्रॉपर्टी को नीलाम करने के लिए भी कार्रवाई करेगी।
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डिफाल्टरों को भेजा नोटिस
जिन 100 डिफाल्टरों को नगर परिषद ने नोटस जारी किया है, उन्होंने वर्ष 1997-98 से गृहकर जमा नहीं कराया है। इनसे वसूली के लिए नगर परिषद कई तरह के दबाव बना चुकी है, लेकिन ये लोग गृहकर दबाए बैठे हैं। अब नगर परिषद ने नोटिस भेजकर डिफाल्टरों को अदायगी का समय एक सप्ताह का दिया है। यदि नोटिस मिलने के बाद भी डिफाल्टर कोई कदम नहीं उठाते हैं तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ प्रॉपर्टी नीलाम करने का विकल्प चुना जा सकता है।

फिर आएगा नंबर छोटे डिफाल्टरों का
अप्रैल से जुलाई 2014 तक 10 प्रतिशत की छूट के साथ हाउस टैक्स वसूला गया था। जुलाई के बाद 7.5 प्रतिशत के ब्याज समेत प्रति माह वसूली की जा रही है। यदि उसके बाद टैक्स जमा नहीं किया जाता है तो छोटे बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

विवाद यह भी
सेक्टर-23 निवासी सतबीर सिंह ने नगर परिषद की हाउस टैक्स शाखा की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए गलत तरीके से कर वसूलने का आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि नगर परिषद कर्मचारी लोगों पर अपनी गलती थोप रहे हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने बताया कि हाउस टैक्स के लिए उन्हें पत्र सात दिसंबर को मिला और आठ दिसंबर को उन्होंने उसे भर भी दिया। इसके बावजूद नगर परिषद कर्मचारी उनसे साढ़े सात प्रतिशत का ब्याज भी मांग रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत नप के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह से की तो उन्होंने कहा कि यह शुल्क विकास के नाम पर लिया जा रहा है।

हालांकि सेक्टर-23 में विकास की बात करें तो अधिकांश स्थानों पर यह नजर नहीं आता है। उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि सेक्टर में हुडा की ओर से टैक्स लिया जाना चाहिए।


गृहकर अदा न करने वाले 100 लोगों को लीगल नोटिस दिए गए हैं। नोटिस के माध्यम से एक माह का समय दिया गया है। इसके बावजूद भी यदि गृहकर की अदायगी नहीं की जाती तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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-अमन ढांडा, सचिव, नगर परिषद
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