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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने व गर्भपात कराने के दोषी को दस साल की कैद

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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने महिला को शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म करने व गर्भवती होने पर गर्भपात कराने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को दस साल कैद व 25000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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विदित रहे कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने आईजी रोहतक रेंज को जनवरी, 2018 में शिकायत दी थी कि दिल्ली के गांव खेड़ा कलां निवासी राकेश से उसकी पहचान थी। महिला ने बताया था कि वह शादीशुदा है और उसके पति से उसे एक बेटी है। उसका पति उसे छोड़ चुका है। उसकी जान पहचान राकेश के साथ वर्ष 2015 में हुई थी। राकेश ने उसे शादी का झांसा दिया था। उसके मना करने पर उसने कई बार उससे शादी करने का प्रस्ताव किया। बाद में उसने जनवरी, 2016 में उसे शादी का झांसा उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। वह उसे शादी का झांसा देकर ढाई साल तक दुष्कर्म करता रहा था। महिला ने आरोप लगाया था कि वह अप्रैल, 2017 में पांच माह की गर्भवती हो गई थी। राकेश उसे दिल्ली के नरेला में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में लेकर गया था और वहां उसका गर्भपात करा दिया गया था। उसके बाद से वह बीमार रहने लगी थी और आरोपी ने उससे शादी करने से भी मना कर दिया था। उसने कई बार शादी करने के लिए कहा तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस कारण ही उसने राकेश समेत गर्भपात करने वाली महिला डॉक्टर व तीन अन्य के खिलाफ शिकायत दी थी। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। उसने एसपी को भी शिकायत दी थी। जिस पर कार्रवाई नहीं हो सकी। महिला ने आईजी को दी शिकायत में बताया था कि सीएम विंडो पर शिकायत के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। जिस पर आईजी के निर्देश पर पुलिस ने 16 फरवरी, 2018 को आरोपी राकेश, महिला डाक्टर व अन्य पर मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में 20 फरवरी, 2018 को आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया था। महिला डाक्टर व तीन अन्य की भूमिका नहीं मिली थी।
मामले में सुनवाई करते हुए शनिवार को एएसजे डीआर चालिया की अदालत ने राकेश को दोषी करार दिया है। उसे दुष्कर्म व गर्भपात के मामले में दस साल की कैद व 25000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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