सोनीपत। जिले के रेलवे स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 10 आरओ वाटर कूलर लगाए जाएंगे। बड़े पर दो-दो और छोटे स्टेशनों पर एक-एक वाटर कूलर लगाए जाएंगे।
सोनीपत, गोहाना व गन्नौर स्टेशन पर दो-दो राजलूगढ़ी, सांदल कलां, हरसाना, राठधना में एक-एक आरओ वाटर कूलर लगाए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों ने आरओ सिस्टम लगाने के लिए प्रस्ताव को मुख्यालय भेजा है।
फिलहाल इन स्टेशनों पर सामाजिक संस्थाओं के सहारे पेयजल व्यवस्था चल रही है। स्टेशन में रेलवे की ओर से लगाए गए वाटर कूलर खुद पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। अगर कहीं पानी की व्यवस्था है तो वहां सफाई का अभाव है। ऐसे में पेयजल व्यवस्था को लेकर यात्री गर्मी से बेहाल हैं।
एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधा दावे, पेयजल पर असंतुष्टि : सोनीपत स्टेशन को सभी अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ए श्रेणी मॉडल रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल किया गया है। अमृत भारत स्टेशन परियोजना के तहत करीब 29 करोड़ रुपये की लागत से यात्रियों को जल्द एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराने दावे किए जा रहे हैं।
यहां से रोजाना करीब 200 ट्रेनों व माल गाड़ियों का आवागमन है। करीब 40 हजार यात्री रोजाना दिल्ली-अंबाला रूट पर सफर करते हैं, लेकिन यात्री पेयजल व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं।
दो टंकियों से आ रहा खारा पानी : सोनीपत स्टेशन पर दिल्ली की ओर जीआरपी थाना के पास बनी टंकी और पानीपत की ओर आरपीएफ क्वार्टर के पास लगी पानी की टंकियों से खारा पानी आ रहा है। ऐसे में यात्रियों को प्रवेश द्वार के पास या फिर प्लेटफार्म दो पर सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चल रहे वाटर कूलरों पर जाकर पानी पीना पड़ रहा है।
वहीं प्लेटफार्म एक-दो पर लगे वाटर कूलर खराब होने से यहां पानी की व्यवस्था नहीं है। वर्ष 2016 में सस्ता व स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के उद्देश्य से लगाई गई दोनों वाटर वेंडिंग मशीनों को वर्ष 2024 में हटा लिया गया था।
फोटो 11- सोनीपत स्टेशन पर पानीपत की ओर आरपीएफ क्वार्टर के पास पानी की टंकी पर सफाई के अभाव में
फोटो 11- सोनीपत स्टेशन पर पानीपत की ओर आरपीएफ क्वार्टर के पास पानी की टंकी पर सफाई के अभाव में
फोटो 11- सोनीपत स्टेशन पर पानीपत की ओर आरपीएफ क्वार्टर के पास पानी की टंकी पर सफाई के अभाव में