सिरसा। नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद 52 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। महिला थाना सिरसा पुलिस ने इस मामले में 13 मई 2022 को केस दर्ज किया था।
पुलिस को दिए बयान में 14 वर्षीय पीड़ित नाबालिग ने बताया था कि वह गांव के सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ती है। उसके गांव में दो युवक कुलदीप व विकास मिट्टी खोदाई का काम करने आते थे। एक दिन कुलदीप ने उसे अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि इस नंबर पर कॉल कर लेना, वरना वह उसे जान से मार देगा।
डर के चलते नाबालिग ने अपने पिता के मोबाइल से उससे बात करने लगी। दस दिन बाद कुलदीप ने उसे कहा कि जिस खेत में वह मिट्टी डालते हैं, वहां पर आ जाना। कुलदीप के डर से नाबालिग खेत में चली गई, वहां पर कुलदीप व विकास ने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 12 मई 2022 को कुलदीप से बात हुई तो उसने फिर से रात को खेत में बुलाया।
वहां पर कुलदीप ने जबरदस्ती फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकी दी। घर पहुंचकर उसने अपनी मां को सारी बात बता दी। इसके बाद मां उसे महिला पुलिस थाने में ले आई। पीड़िता का बयान दर्ज कर पुलिस ने आरोपी कुलदीप व विकास निवासी बासड़ा जिला हिसार के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने कुलदीप को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुना दी। वहीं, सबूत के अभाव में आरोपी विकास को बरी कर दिया।