चुनावी महासमर में प्रत्याशियों को समर्थन देने और बहिष्कार करने का दौर चल रहा है। लोग भी प्रत्याशियों के सामने ऐसी शर्तें रख रहे हैं, जिन्हें पूरा करना उनके बस में नहीं हैं, लेकिन लोकतंत्र में जनता का ‘राज’ है और इस समय तो वोटर ही ‘राजा’ है।
ऐसी ही एक मांग सीडीएलयू के विद्यार्थियों ने भी की है। छात्राओं ने कहा कि जो उन्हें कंपार्टमेंट में पास करवाएगा, वोट उसी को देंगे। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि उनकी संख्या लगभग 50 हजार है। इस वजह से उनकी मांग को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने मांग की है कि स्नातक डिग्री के अंतिम वर्ष के रि-अपीयर वाले विद्यार्थियोें को स्नातकोत्तर एवं बीएड में दाखिला दिया जाए। छात्राओं ने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे वोट नहीं डालेंगी और चुनाव के बाद धरने-प्रदर्शन भी करेंगी।
सीडीएलयू में परिणाम बेहद खराब रहा है। 30 से 40 प्रतिशत विद्यार्थी ही पास हुए हैं। बाकी किसी न किसी विषय में लटक गए हैं। विद्यार्थियों ने पिछले महीने विरोध-प्रदर्शन भी किया, लेकिन दोबारा पेपर चेकिंग में रिजल्ट वही रहा। अब विद्यार्थी नेताओं से आस लगाए बैठे हैं। जब तक विद्यार्थियों की रि-अपीयर नहीं क्लीयर होगी तब तक वे अगली कक्षा में दाखिला नहीं ले सकते। कुछ छात्राओं ने अपना नाम न छपवाने की शर्त पर कहा है कि उन्हें जो पास कराएगा, उसी प्रत्याशी को वोट दिया जाएगा। छात्राओं ने मांग की है कि रि-अपीयर वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रवेश देने का प्रावधान किया जाए।