संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के पटवार भवन में पटवारियों ने मंगलवार को भी अपने अतिरिक्त गांवों का कार्य नहीं किया। पटवारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी न होने पर 31 जनवरी तक इसी प्रकार पाबंदी के तहत काम जारी रहेगा। जिला पटवार भवन में रोज करीब 1,300 ग्रामीण अपने काम के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए ग्रामीण दिनभर भटकते रहे। इसके बावजूद करीब 260 गांवों के लोगों को काम करवाए बिना ही मायूस होकर लौटना पड़ा।
भ्रष्टाचार में संलिप्त पटवारियों की सूची बीते दिनों सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जिले के सभी पटवारी और कानूनगो ने सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इसके तहत अपने गांव के अतिरिक्त दूसरे किसी भी गांव का काम न करने का फैसला लिया था। इस कारण पटवार भवन में इंतकाल, फर्द, नक्शे बनवाने, स्कूली प्रमाणपत्र, फसलों के रिकॉर्ड सहित आदि काम प्रभावित हो रहे हैं। जिले में 296 पटवार सर्कल हैं जिनमें काम करने के लिए 58 पटवारियों की तैनाती है। 58 में से चार पटवारी जिले की तहसीलों में तैनात हैं।
85 पंचायतों के ही हो रहे काम
जिले में पटवार भवन में बैठे पटवारी अतिरिक्त कार्य करने पर पाबंदी के कारण सिर्फ 85 के करीब पंचायतों से आने वाले लोगों के ही काम कर रहे हैं। ऐसे में अन्य गांवों से आने पटवारियों के पास काम के लिए आने वाले लोगों को काम के लिए भटकना पड़ रहा है। पटवार भवन में अतिरिक्त गांवों के करीब 1,300 लोग रोज पहुंच रहे हैं। इनमें किसान, छात्र, युवा और महिलाएं बिना काम के ही लौटने के लिए मजबूर हैं। इस कारण लोगों को पटवारियों से संबंधित काम के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रहीं हैं।
पटवार भवन में बैठे पटवारी जसमेर सिंह और पटवारी रोहताश कुमार ने बताया कि उनके पास सात पंचायतों का अतिरिक्त कार्य था। तब रोजाना करीब 135 लोग काम के लिए आते थे। उनमें से 20 के करीब लोग तो फोन पर ही राय लेते रहते थे। अब अतिरिक्त कार्य पर पाबंदी के मेरे पास एक ही गांव के करीब 20 लोग ही रोजाना आ रहे हैं। अतिरिक्त कार्यभार वाली पंचायतों के लोगों के काम बंद हैं लेकिन उन पंचायतों से भी एक गांव से रोजाना पांच लोग काम के लिए आ रहे हैं। काम न होने पर उनको बैरंग लौटना पड़ रहा है।
पटवार भवन में इन कामों के लिए आते हैं लोग
नकल खसरा, गिरदावरी।
नक्शे बनवाने के लिए।
बिजली के कनेक्शन।
कोर्ट केसों के काम।
नए नलकूप कनेक्शन।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा।
रिहायशी प्रमाणपत्र।
तकसीम के नक्शे।
जमीन की पैमाइश।
जाति प्रमाणपत्र।
नकल जमाबंदी।
नकल इंतकाल।
-बॉक्स -में कोट
पटवार भवन में खेत से जुड़े काम करवाने के लिए पटवार भवन में आए हैं लेकिन पटवारी नहीं आया। इसलिए इंतजार कर रहे हैं। पटवारी को मिलने के बाद ही पता चलेगा कि उनके गांव के काम हो रहे हैं या नहीं। अगर काम नहीं हुआ तो बिना काम के ही लौटना पड़ेगा। - प्रेम केलनियां।
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पीएम किसान योजना के तहत काम करवाने के लिए हम पटवार भवन में पटवारी के पास आए थे। यहां आकर पता चला कि पटवारी अतिरिक्त पंचायतों के काम नहीं कर रहे हैं तो ऐसे में बिना काम के ही लोग घर लौट रहे हैं। - अरविंद कुमार, गांव अहमदपुर।
कोट्स
जिले में पटवारियों ने अतिरिक्त पंचायतों के कामों पर पाबंदी लगाई है। जिले में 31 जनवरी तक इसी प्रकार पाबंदी के तहत काम होगा। सरकार को पटवारियों की वायरल सूची पर सच्चाई सामने लाकर मांग पूरी करनी चाहिए। ऐसे किसी पर आरोप लगाना सही नहीं है। अगर सरकार ने समस्या नहीं सुलझाई तो और भी सख्त निर्णय लिया जाएगा। - लाभ सिंह, जिला पटवारी एंड कानूनगो एसोसिएशन, सिरसा।